गरमपानी: मासूमों के कंधों से उतरेगा विद्यालयों में साफ-सफाई का बोझ

गरमपानी, अमृत विचार। गांवों में स्थित विद्यालयों के लिए राहत भरी खबर है। अब गुरुजनों व नौनिहालों को विद्यालय में झाडू लगाने के कार्य से मुक्ति मिल जाएगी। सरकार ने विद्यालयों में आउट सोर्सिंग व्यवस्था से पर्यावरण मित्र की तैनाती को तैयारी शुरु कर दी है खंड शिक्षा अधिकारी रामगढ़ गितिका जोशी के अनुसार आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से तैनाती होनी है। कार्यवाही गतिमान है। उम्मीद है जल्द तैनाती हो जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी से नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। कई विद्यालयों एक शिक्षक के भरोसे पहली से पांचवीं कक्षा तक की जिम्मेदारी है। वहीं विद्यालयों में सफाई का जिम्मा भी नौनिहाल व गुरुजन संभाले हुए हैं।
बेतालघाट ब्लाक के 11 जीआइसी तथा रामगढ़ ब्लॉक के 13 जीआइसी व सात जूनियर हाईस्कूल में पर्यावरण मित्र की तैनाती न होने से मजबूरी में गुरुजन व नौनिहाल ही झाडू उठाने को मजबूर हैं। स्वच्छ भारत अभियान के जागरुकता कार्यकमों में विद्यालयी नौनिहाल ही बढ़-चढ़ कर भागीदारी कर रहे हैं पर स्कूलों में भी सफाई का भार मासूम कंधों पर है।
विद्यालयों में सफाई व्यवस्था को तैनाती न होने अभिभावकों व पंचायत प्रतिनिधियों तथा व्यापारियों में गहरी नाराजगी है। लगातार मामला उठने पर अब सरकार भी हरकत में आ गई है बकायदा विद्यालयों में पर्यावरण मित्रो की तैनाती को शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
बीइओ रामगढ़ गितिका जोशी के अनुसार आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से विद्यालयों में साफ सफाई को पर्यावरण मित्र की तैनाती के आदेश जारी हुए हैं। कार्रवाई गतिमान है उम्मीद है की जल्द ही तैनाती शुरु कर दी जाएगी। विद्यालयों में पर्यावरण मित्र की तैनाती से गुरुजनों व नौनिहालों को विद्यालय में झाड़े लगाने के कार्य से मुक्ति मिल सकेगी।