प्रयागराज: महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या मामले में आनंद गिरि की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, प्रयागराज के महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। उक्त मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजवीर सिंह की एकलपीठ के समक्ष होनी थी।
मालूम हो कि महंत नरेंद्र गिरी के एक अन्य शिष्य अमर गिरी पवन महाराज द्वारा आनंद गिरि के खिलाफ जॉर्जटाउन थाना, प्रयागराज में आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। प्राथमिकी के अनुसार दोपहर का खाना खाने के बाद रोज की तरह महंत जी अपने कमरे में आराम करने चले गए और शाम तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें फोन किया गया तो उनका फोन बंद था।
जब उनका दरवाजा खोला गया तो महंत पंखे से रस्सी के सहारे लटकते हुए पाए गए। शिष्यों द्वारा रस्सी काटकर महंत नरेंद्र गिरी के शव को नीचे उतारा गया। प्राथमिकी में यह भी स्पष्ट रूप से बताया गया है कि महंत जी अपनी मृत्यु से पूर्व कुछ महीनों से अपने शिष्य आनंद गिरि द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किये जा रहे थे। इस बात की चर्चा उन्होंने अपने अन्य शिष्यों के साथ भी की थी। प्राथमिकी में यह संभावना जताई गई है कि आनंद गिरि के दबाव के कारण ही महंत ने आत्महत्या की।
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