हल्द्वानी: सड़कों के ‘जख्मों’ पर ‘मरहम’ लगा ‘जिम्मेदारों’ को दिखाया आईना

हल्द्वानी: सड़कों के ‘जख्मों’ पर ‘मरहम’ लगा ‘जिम्मेदारों’ को दिखाया आईना

 हल्द्वानी, अमृत विचार। सरकारी तंत्र फेल हुआ तो ‘जन’ ही तंत्र बना गया और इस जनतंत्र ने बारिश, निविदा, बजट के बहाने छोड़ कर खुद ही सड़क के गड्ढों में मिट्टी भरने का काम शुरू कर दिया। इससे जनता को तो सहूलियत होगी वहीं शासन, प्रशासन और जिम्मेदार विभागों को भी आइना दिखाया है।

शहर की सड़कों की हालत बदतर है। सड़कों के बड़े-बड़े गड्ढों में गिरकर आए दिन राहगीर चोटिल होते हैं तो एक महिला और एक युवक को जान गंवानी पड़ी। हल्द्वानी में चारों तरफ सड़कों के गड्ढों से जनता परेशान है, फिर भी शासन, प्रशासन और जिम्मेदार विभाग लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एनएचएआई, नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

कभी बारिश थमने तो कभी औपचारिकताएं पूरी होने के बहाने बना दिए जाते हैं। इधर, सड़कों की हालत को देखते हुए बाल किशन देवकी जोशी निस्वार्थ जन सेवा समिति के अध्यक्ष योगेश जोशी ने सोमवार को लालडांट रोड पर मोड़ से लेकर सरकारी प्राइमरी स्कूल तक सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में मिट्टी भरवाई। सड़कों के गड्ढे भरवाने की यह मुहिम सोमवार को शुरू हुई है वो शहर के सभी सड़कों के गड्ढे भरवाकर खत्म होगी। 

योगेश जोशी ने बताया कि सड़कों के गड्ढों से जनता त्रस्त हैं, कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। वह हरगोविंद सुयाल कॉलेज में पदाधिकारी भी हैं। हाल ही में कालाढूंगी रोड पर सड़क के गड्ढे में गिरकर जिस शिक्षक की मौत हुई वह उन्हीं के कॉलेज में तैनात था। वह शिक्षक के  माता-पिता को देखकर इतना आहत हुए उन्होंने खुद ही सड़कों के गड्ढे भरवाने का बीड़ा उठा लिया। उन्होंने बताया कि लालकुआं से दमुवाढूंगा तक सड़कों के गड्ढे भरे जाएंगे। फिर जहां-जहां सूचना मिलेगी, उन सड़कों के गड्ढे भरे जाएंगे।