हल्द्वानी: कोई आया, रुका, खाया और फिर कर दी नंदी की बेरहमी से हत्या, कातिल तक पहुंचा सकता है घटना स्थल से मिला टिफिन

सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। घटना स्थल पर पड़ा धुला हुआ टिफिन पुलिस को कातिल तक पहुंचा सकता है, लेकिन उससे पहले यह पता लगाना होगा कि वो टिफिन किसका था। हालांकि इतना तो लगभग साफ है कि कत्ल के पीछे नंदी को कोई बेहद करीब से जानने वाला है और ये भी कत्ल को कई लोगों ने नहीं बल्कि एक ही कातिल ने अंजाम दिया है।
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस को पता लगा कि कत्ल की रात नंदी के घर के पास 20-25 लड़के जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। इसी दरम्यान वहां विवाद हो गया। कत्ल की पहली वजह इन्हीं युवाओं को माना जा रहा, लेकिन पड़ताल में ये बेगुनाह मिले। जांच आगे बढ़ी, लेकिन कत्ल के पीछे न लूट का इरादा दिखा और न ही कोई और वजह। पुलिस की जांच तब ठिठकी, जब उन्हें मौके पर एक धुला हुआ टिफिन मिला।
ये टिफिन नंदी का नहीं था और न ही उनकी तीन बेटियों में से किसी एक का। अब पुलिस के सामने सवाल यह था कि टिफिन किसका था। जांच में पुलिस के सामने एक कहानी आई। जिसके मुताबिक ये टिफिन नंदी को बेहद करीब से जानने वाले का था, जो अपने साथ खाने का टिफिन लाया। उसने नंदी के साथ खाना खाया और संभवत: खाना खाने के बाद नंदी से टिफिन भी धुला। इसी दरम्यान नंदी का उक्त व्यक्ति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया और उसने नंदी का कत्ल कर दिया।
पुलिस करीबी की संभावना इसलिए भी जाहिर कर रही है, क्योंकि घर के मुख्य दरवाजे और अंदर के दरवाजे पर लगा ताला चाबी से खोला गया था। ऐसा तभी संभव है, जब कोई करीब से जानने वाला घर आया हो। इसके बाद खाने के टिफिन ने करीबी की बात को और पुख्ता कर दिया। अब देखना ये है कि पुलिस की जांच में कौन सा करीबी कातिल निकलता है।
दुपट्टे को रस्सी की तरह मरोड़ कर कातिल ने घोंटा गला
हल्द्वानी : कातिल ने नंदी के दुपट्टे को कत्ल का औजार बना लिया था। उसने नंदी के गले में पड़े दुपट्टे को रस्सी की तरह तब तक घुमा-घुमा कर मरोड़ा, जब तक उसका दम नहीं घुट गया। फिर गले में पड़े उसी दुपट्टे से लाश को खींच कर बाथरूम तक ले गया। ऐसा अनुमान है कि बाथरूम की दीवार पर उसने नंदी का सिर पटका, जिससे उसके सिर में चोट आई। बाथरूम की दीवार पर ऐसा एक निशान भी है और वहीं पड़ा पानी का टब खून के रंग से तर-ब-तर था।
हत्यारोपी बेटे के दुश्मन भी हो सकते हैं नंदी के कातिल
हल्द्वानी : पुलिस नंदी के बेटे नीरज की दुश्मनी के एंगल पर भी जांच कर रही है। दरअसल, करीब 7-8 माह पहले नीरज ने अपने साथियों के साथ मिलकर आईटीआई गैंग के लीडर नीरज गैड़ा को लाठी-डंडों से पीट-पीट कर मार डाला था। ये घटना बड़ी मंडी के पीछे शराब की दुकान के पास हुई थी। इसी घटना के मामले में नीरज जेल में बंद है। पुलिस मान कर चल रही है कि नीरज की कई लोगों से जानी दुश्मनी भी नंदी के कत्ल की वजह हो सकती है।
आईटीआई गैंग ने की थी 50 लाख रुपए की डिमांड
हल्द्वानी : इस बात की पुष्टि नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि आईटीआई गैंग नंदी से 50 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। इसके लिए नंदी को कई फोन भी किए गए, लेकिन नंदी की इतनी हैसियत नहीं थी कि वह 50 लाख रुपए दे सके। कहा यह भी जा रहा है कि आईटीआई गैंग केस से नीरज को नाम वापस लेने के एवज में इस रकम की मांग कर रहा था। ये सब चर्चा करने वाले यह नहीं बता सके कि नंदी को आईटीआई गैंग से कौन फोन कर रहा था।
बाथरूम में मिली हंसा के कत्ल की कहानी अलसुलझी
हल्द्वानी : नंदी की लाश लहूलुहान हालत में मिली और यह साफ है कि नंदी का कत्ल हुआ, लेकिन पिछले साल मुखानी थाना क्षेत्र में हुए हंसा दत्त जोशी हत्याकांड का खुलासा आज तक नहीं हो सका। करोड़पति काश्तकार हंसा दत्त जोशी की लाश भी उन्हीं के घर में बने बाथरूम में पड़ी मिली थी। इस मामले से कई बड़े लोगों का नाम भी जुड़ा। दो बार शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हत्या के पीछे जमीन की बात सामने आई और अब पुलिस लाईडिटेक्टर रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।