Bareilly: सपा से उमेश गौतम को टक्कर देंगे डॅाक्टर आईएस तोमर

Bareilly: सपा से उमेश गौतम को टक्कर देंगे डॅाक्टर आईएस तोमर

बरेली, अमृत विचार। सपा के नामित उम्मीदवार संजीव सक्सेना के नामांकन पत्र वापस लेने पर अब सारी अटकले दूर हों गई हैं। सपा की लॉबी अब निर्दलीय प्रत्याशी डॅाक्टर आईएस तोमर को चुनाव लड़ाएगी। जिसको लेकर आज सपा के पदाधिकारियों ने स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान सपा के जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने बताया कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह से डॉक्टर तोमर को चुनाव लड़ा रही है। अब सपा के उम्मीदवार डॅाक्टर तोमर को ही चुनाव लड़ाया जाएगा स्थिति साफ हो गई है। किन्ही कारणों से उन्हें सिंबल नहीं मिल पाया था। सपा ने उस दौरान संजीव सक्सेना को मैदान में उतारा था। हालात सुधरते ही डॅाक्टर तोमर को मैदान में उतारा गया है।

इस दौरान डॉक्टर तोमर ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम ने जो बयान दिया वह निराधार है। पहले वह कहते फिरते थे कि 70 साल से शहर में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। फिर वह 17 महीने पर आ गए। वह बताना चाहते हैं कि उन दिनों उनका कार्यकाल था। संजय नगर की सड़क उनकी देन थी। वहां कच्ची सड़क के स्थान पर पक्की सड़क डाल कर रोड से जोड़ा गया। सौ फुटा रोड पर सड़क भी उन्हीं की देन थी। अब वह मैदान में उतरे हैं।

उनकी प्राथमिकता रहेगी कि वह सबसे पहले वह सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की शुरूआत करेंगे। पूरे भारत में सबसे बड़ी समस्या कूड़े की है। उसका निस्तारण किया जाएगा। जनता शहर के विकास के लिए नेता को चुनती है। वह उनका सेवक है। महापौर बनने के बाद छह से सात महीने में बाकरगंज से कूड़े के पहाड़ को खत्म कर वहां विकास कार्य कराएगें। पूरे शहर को पेजयल की समस्या से निजात दिलाएगें। सबसे बड़ी समस्या जल की है। हम लोग भूमि के जल को संरक्षित करेंगे अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमे माफ नहीं करेगी। इसके लिए वह रामगंगा डैम से बारिश के संचय किए पानी को उपयोग में लाएगें। जिससे जमीन के जल का संरक्षण हो सके। सीवर लाइन की समस्या को खत्म किया जाएगा। 

नालों को कवर करने के साथ ही गंगा में गंदा पानी जाने से बचाने के लिए प्लांट लगाया जाएगा जिससे गंगा दूषित न हो सके। घरों का गंदा पानी नकटिया, किला नदी से रामगंगा में मिल जाता है जो फरुखाबाद में जाकर नदी में मिल जाता है। सड़क को सही कराने के साथ ही उस पर रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।  उनके निर्दलीय मैदान में उतरने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया वह टिकट की दौड़ में सबसे आगे थे। लेकिन उनकी पारिवारिक समस्या की वजह से वह चुनाव लड़ने के इरादे से नहीं थे। उनके भाई को कैंसर था। तबीयत सहीं होने पर वह जनता की सेवा करने के लिए मैदान में उतरे हैं। संजीव सक्सेना पर उन्होंने कोई दबाव नहीं बनाया। परिवार के मुखिया के आदेश का पालन किया गया।

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