MSME Minister Rakesh Sachan के नाम फतेहपुर में आवंटित 72 प्लॉट, बोलें- सांसद रहते हुए थे आवंटित अब करा दिया गया रद्द
फतेहपुर में मंत्री राकेश सचान के नाम आवंटित 72 प्लॉट।
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फतेहपुर में मंत्री राकेश सचान के नाम आवंटित 72 प्लॉट। नियमों को ताक पर रखकर आवंटन हुआ था। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि सांसद रहते हुए आवंटित हुए थे। जिसे अब रद्द करा दिया गया।
फतेहपुर, अमृत विचार। जिले में जिला उद्योग का बड़ा कारनामा सामने आया है। जहां छोटे उद्योग लगाए जाने प्लाट को मिनिस्टर सहित कई नामी लोगों के नाम पर दर्ज किया गया है। और उन प्लाटों में आज तक किसी तरह के उद्योग नहीं लगाए गए, जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर राकेश सचान की दो फार्म को 72 प्लाट आवंटित कर दिए गए। जबकि नियम के मुताबिक आवंटित राशि 10 प्रतिशत जमा होना था, जिसे भी नही जमा किया गया।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने मामले की शिकायत निदेशक कानपुर उद्योग से की तो जिला उद्योग में हड़कंप मच गया। जिले के प्रभारी मंत्री व एमएसएमई के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान पर गंभीर आरोप लगे हैं, आरोप यह है कि अभिनव सेवा संस्थान राकेश सचान के नाम पर उद्योग विभाग के मिनी औद्योगिक आस्थान चकहता में 32 और मिनी औद्योगिक स्थान सुधवापुर में 40 प्लॉट आवंटित हुए है।
जिसमे बताया जा रहा है कि सभी आवंटन 2012-13 में हुए, इन आवंटनों के एवज में चुकाई जाने वाली न्यूनतम 10 प्रतिशत रकम भी अब तक उद्योग विभाग के पास जमा नहीं की गई। चकहता मिनी औद्योगिक क्षेत्र में कुल 36 प्लॉट हैं, स्थापित उद्योग या प्रयोजन का नाम प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान बताया गया है। इनमें 32 अलॉट किए गए हैं, सभी 32 प्लॉट (नंबर 1 से 17 और 22 से 36) एक ही व्यक्ति राकेश सचान के नाम हैं।
इसी तरह मिनी औद्योगिक आस्थान सुधवापुर के 45 प्लॉटों में 40 आवंटित हैं, सभी 40 प्लॉट (नंबर 1 से 40) एक ही व्यक्ति राकेश सचान के नाम हैं। राकेश सचान जब सपा से फतेहपुर से साल 2012 में सांसद थे तब नियमों को ताक पर रखकर इनका आवंटन किया गया था, और अब वो योगी कैबिनेट में मंत्री है।
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने पत्रकारों से कहा कि सरकार प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से रोजगार लगवाना चाहती है जिससे युवाओं को रोजगार मिले, जहां उद्यमियों को जमीन आवंटित करवा उन्हें उद्योग लगाए जाने की पहल कर रही है, जब यह मामला सामने खुलकर आया तो कैबिनेट मिनिस्टर ने कहा कि उनके दो फर्म के नाम जमीन आवंटित हुई थी, लेकिन वहां कोई उद्योग नहीं लग पाया जिसे अब रद्द करवाते हुए जरूरत मंदो को वो प्लॉट मुहैया करवाए जाएंगे।