भारत केंद्रित शिक्षा का विकास ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उदेश्य :यतींद्र शर्मा

भारत केंद्रित शिक्षा का विकास ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उदेश्य :यतींद्र शर्मा

अयोध्या, अमृत विचार। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के अंतर्गत साकेत संभाग के चार दिवसीय शिक्षक-प्रशिक्षक टोली प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत शिवदयाल जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हुई।शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्या भारती के अखिल भारतीय सह- संगठन मंत्री यतींद्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि  भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री हरेंद्र शर्मा तथा प्रदेश निरीक्षक राजेंद्र बाबू ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। 

मुख्य अतिथि यतींद्र शर्मा ने कहा कि भारत केंद्रित शिक्षा का विकास ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य है। ज्ञान के प्रदर्शन में पूरा विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। प्राचीन एवं सनातन भारतीय ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में यह नीति तैयार की गई है। प्राचीन भारत में शिक्षा का लक्ष्य सांसारिक जीवन अथवा स्कूल के बाद के जीवन की तैयारी के रूप में ज्ञानार्जन नहीं बल्कि पूर्ण आत्मज्ञान और मुक्ति के रूप में माना गया था।   

कार्यक्रम के अध्यक्ष संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविंद पांडे ने कहा कि वैश्विक महत्व की समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेज कर संरक्षित रखने की जरूरत है।अतिथियों का स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल ने किया व  संचालन सुरेश कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से रजनीश पाठक, उमाशंकर मिश्र, दिनेश कुमार सिंह, अवरीश कुमार, डॉ. सौरभ दिक्षित, डॉ. शिवकुमार तिवारी मौजूद रहे।


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