चित्रकूट: वृद्ध पहलवानों ने दंगल में दिखाए दांव-पेंच, हैरान रह गए दर्शक

चित्रकूट, अमृत विचार। नांदी गांव के प्राचीन हनुमान जी मंदिर प्रांगण में दंगल में वृद्ध पहलवानों ने कुश्ती के दांवपेंच दिखाकर युवाओं को अहसास करा दिया कि शेर चाहे जितना बूढ़ा हो जाए, वह शेर ही रहता है। दंगल में महिला पहलवान वैशाली ने अपने कौशल से प्रतापगढ़ के राजबहादुर को चित कर तालियां लूटीं। …
चित्रकूट, अमृत विचार। नांदी गांव के प्राचीन हनुमान जी मंदिर प्रांगण में दंगल में वृद्ध पहलवानों ने कुश्ती के दांवपेंच दिखाकर युवाओं को अहसास करा दिया कि शेर चाहे जितना बूढ़ा हो जाए, वह शेर ही रहता है। दंगल में महिला पहलवान वैशाली ने अपने कौशल से प्रतापगढ़ के राजबहादुर को चित कर तालियां लूटीं।
दंगल के अंतिम दिन प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा हिमाचल एवं नेपाल के पहलवानों ने कुश्ती के दांवपेंच दिखाए। इसमें दीपू टेवा ने अनिल भीखमपुर को, नीरज मुर्का ने गोपाल फतेहपुर को, उमाशंकर मऊ ने राकेश बांदा को, दीपक रामनगर ने रवि लखनऊ को हराया। इसके अलावा मुकेश बांदा ने राकेश हमीरपुर को, राजेश दरसेड़ा ने प्रेम कौशांबी को, मोनू मध्य प्रदेश ने अंकित दिल्ली को, बब्लू बांदा ने अंकुश भीखमपुर को, चुन्नू बांदा ने जितेंद्र हरियाणा को चित कर दिया।
हमीरपुर के पहलवान हुकुम व आगरा के लवलेश के बीच की कुश्ती का कोई निर्णय नहीं निकला तो कमेटी ने दोनों की फिर कुश्ती कराई पर कोई परिणाम नहीं आया। इस पर दर्शकों ने तालियां बजाकर दोनों पहलवान का सम्मान किया। इस मौके पर हनुमान मंदिर के पुजारी महेंद्र दास, प्रधान प्रतिनिधि मेहरबान, देशराज यादव, विमल तिवारी , हाईकोर्ट एडवोकेट आईके चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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