हल्द्वानी: तुष्टिकरण की नीति भारत विभाजन के लिए जिम्मेदार थी – विजयवर्गीय

हल्द्वानी: तुष्टिकरण की नीति भारत विभाजन के लिए जिम्मेदार थी – विजयवर्गीय

अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। ‘यह सोचने की जरूरत है कि आखिरकार भारत विभाजन क्यों हुआ? एक व्यक्ति को दोष नहीं दूंगा लेकिन तुष्टिकरण की नीति विभाजन के लिए जिम्मेदार थी। जब देश आजादी का जश्न मना रहा था तब पाकिस्तान से लाशें भर-भर कर ट्रेनें भेजी जा रही थीं’ यह बात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश …

अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। ‘यह सोचने की जरूरत है कि आखिरकार भारत विभाजन क्यों हुआ? एक व्यक्ति को दोष नहीं दूंगा लेकिन तुष्टिकरण की नीति विभाजन के लिए जिम्मेदार थी। जब देश आजादी का जश्न मना रहा था तब पाकिस्तान से लाशें भर-भर कर ट्रेनें भेजी जा रही थीं’ यह बात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

शनिवार को एमबीपीजी कॉलेज सभागार में हुए प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन का शुभारंभ विजयवर्गीय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि देश में क्या हो रहा है, इस पर विचार करने की जरूरत है। जिस आजादी के लिए चंद्रशेखर आजाद ने गोली झेली, भगत सिंह फांसी पर झूले क्या वो आजादी मिली? पंजाब पांच नदियों से मिलकर बना था, अब वो पांच नदियां कहां है? भारत को सिर्फ कटी-फटी आजादी मिली।

उन्होंने कहा कि बंगाल और पंजाब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की देन था। जब विभाजन हुआ था तब बंगाल और पंजाब पाकिस्तान के हिस्से में थे लेकिन मुखर्जी ने आंदोलन कर दिया। ऐसे में लॉर्ड माउंटबेटेन और गांधी फिर बैठे और इन दोनों प्रांतों को भारत में शामिल किया। मुखर्जी नेहरू के कैबिनेट मंत्री थे लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे  दिया। आरोप लगाया कि नेहरू सरकार एक वर्ग विशेष को संरक्षण दे रही थे लेकिन बहुसंख्यक की चिंता नहीं होती थी। बहुसंख्यक के हितों के लिए 1925 में विजयदशमी के दिन बने सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संगठन ने सोचा कि राजनैतिक दल होना चाहिए जो जो देश को बचाए तब जनसंघ बना। वर्ष 1975 में इमरजेंसी लागू होने के बाद जनसंघ वर्ष 1977 में जनता पार्टी में विलय हो गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में अटल विहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा का गठन हुआ।

नेहरू ने जम्मू कश्मीर में लागू की थी धारा 370

राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब रियासतें थीं। गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने जो राजा जिस भाषा में चाहता था उसी भाषा में जवाब दिया। लेकिन जम्मू का राजा नेहरू के पास पहुंच गया और नेहरू ने वहां धारा 370 लागू कर दी। इस तरह देश में दो प्रधान, दो विधान दो निशान लागू हो गए। जम्मू कश्मीर में देश का झंडा नहीं फहरा सकते थे। जम्मू कश्मीर में ही मुखर्जी की संदिग्ध मौत हुई थी। श्रीनगर के लालचौक पर झंडा फहराने के लिए अटल जी के नेतृत्व में यात्रा निकाली गई इस यात्रा के संयोजक नरेंद्र मोदी थे। सेना की पहरेदारी में झंडा फहराया। जैसे ही झंडा फहराया वहां एक रॉकेट लॉंचर आकर गिरा। उसी कश्मीर में देश के 75 साल पूरे होने पर हर इमारत में झंडा फहराया गया।

जब कश्मीरी पंडितों को मारा गया तब कहां थी नौजवान की सरकार

उन्होंने कहा कि एक नौजवान भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहा है लेकिन जब कश्मीर से पंडितों को मारकर बाहर निकाला गया तब उसकी पार्टी कहां थी। भारत जुड़ चुका है और मजबूत हुआ है। वर्ष 20014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की दुनिया में साख मजबूत हुई। मोदी देश ही नहीं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में से एक है।  हमारा संकल्प देश पहले दल बाद में है। वर्ष 1993 में नरसिम्हा राव की सरकार में जब मुस्लिम संगठनों ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर यूनाइटेड नेशन से शिकायत की तब अटल विहारी वाजपेयी नेता प्रतिपक्ष होते हुए जेनेवा गए और भारत का पक्ष रखा था। नतीजा, मुस्लिम संगठनों का प्रस्ताव गिर गया। तब भाजपा ने साबित किया था देश पहले दल बाद में है।

रामजी से माफी मांगें कांग्रेसी, राम जी माफ कर देंगे

विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस भाजपा का मजाक उड़ाती थी कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। कांग्रेस के मित्रों को बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा की तारीख बता दी है। मंदिर बनने के बाद दर्शन करने जाए रामजी उन्हें माफ कर देंगे।

मैक्सिको के राष्ट्रपति ने विश्व शांति के लिए मोदी को नेतृत्व देने की दी सलाह

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व यूनाइटेड नेशंस में भारत की कोई स्थिति नहीं थी लेकिन अब सभी देश भारत की ओर देखते हैं। मैक्सिको के राष्ट्रपति ने विश्व में शांति के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का सुझाव दिया है। इस कमेटी में यूएन के महासचिव, वेटिकन के पोप और भारत के  पीएम नरेंद्र मोदी को शामिल करने का सुझाव दिया है। साफ है कि भारत विश्वगुरु बनने की राह पर है। आईएमएफ के अनुसार आने वाले पांच सालों में भारत की अर्थव्यवस्था पांच नहीं 10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था होगी।

कुर्सी की राजनीति करते हैं कांग्रेस, आप, सपा, तृणमूल कांग्रेस

विजयवर्गीय ने बताया कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया। पीएफआई का एजेंडा वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना था। 10 फीसदी मुस्लिमों के साथ मिलकर हिंदूओं को कायर बताकर घर में घुसकर मारने का दावा कर रहे थे। हैरानी की बात है कि कुछ लोग खाते-पीते यहां है लेकिन काम पाकिस्तान के लिए करते हैं। जब पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया तो सपा, बसपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप ने विरोध किया। इन दलों के लिए कुर्सी की राजनीति जरूरी है देश नहीं। जबकि भाजपा के लिए देश पहले दल बाद में है।

ये रहे मौजूद 

मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायकगण बंशीधर भगत, सरिता आर्य, राम सिंह कैड़ा, दीवान सिंह बिष्ट, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट व खिलेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत, प्रदेश कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, धर्मेंद्र गुप्ता, प्रकाश रावत, हेमंत द्विवेदी, गजराज बिष्ट, राजेंद्र गुप्ता, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष समीर आर्य, विनीत अग्रवाल, प्रताप सिंह बिष्ट, प्रदीप जनौटी, अनिल कपूर डब्बू, दीपक मेहरा, बिंदेश गुप्ता आदि मौजूद थे।

बूथ में गतिविधियां बढ़ायें अध्यक्ष व पन्ना प्रमुख

हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गौजाजाली में बूथ उपाध्यक्ष संजय पांडे के आवास पर बूथ-131 में बूथ कार्यकारिणी की बैठक की। उन्होंने कहा कि जिस तरह फौजी सीमा पर देश की रक्षा करते हैं, उसी तरह भाजपा भी देशहित में काम करती है। उन्होंने कहा कि पीएफआई जैसे संगठन देश विरोधी हैं, जो देश को अस्थिर करने का काम करते हैं। उनके बारे में घर-घर जाकर बताना चाहिए। उन्होंने बूथ पदाधिकारियों व पन्ना प्रमुखों से गतिविधियां बढ़ाने को कहा और मतदाताओं के बारे में पूछा। वहीं, सेवा पखवाड़ा, मन की बात को लेकर भी सवाल किए। बूथ अध्यक्ष व पन्ना प्रमुखों को मन की बात कार्यक्रम के लिए बूथ के पांच स्थानों पर चर्चा करने को कहा। इस दौरान मुकेश चंद्र बेलवाल, विशन दत्त जोशी, मनोज मठपाल, संजय पांडे, हेमा सुनाल, नीजर भट्ट, प्रकाश तिवारी, दीपक कांडपाल, द्वारिका प्रसाद जोशी, पूरन पांडे आदि मौजूद थे।

 

पश्चिमी मंडल फर्स्ट डिविजन पास हुआ लेकिन डिस्टिंक्शन नहीं हासिल कर सका

हल्द्वानी। भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को कुसुमखेड़ा स्थित एक बैंक्वेट हॉल में कालाढूंगी विधानसभा के अंतर्गत पश्चिमी मंडल की बैठक की। उनके पहुंचने पर आतिशबाजी और ढोल नगाड़ों के बीच विधायक बंशीधर भगत ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

बैठक में विजयवर्गीय नेमंडल अध्यक्ष नवीन भट्ट से मंडल कार्यकारिणी की जानकारी ली। उन्होंने एक-एक कर बूथ, मंडल, शक्ति केंद्र संयोजकों आदि सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति जांची तो कई पदाधिकारी गैरहाजिर थे। इस पर उन्होंने कहा कि पश्चिमी मंडल फर्स्ट डिवीजन पास हुआ लेकिन डिस्टिंक्शन हासिल नहीं कर सका। राष्ट्रीय महासचिव ने मंडल पदाधिकारियों व कार्यकारिणी की मासिक व द्विमासिक बैठक के बारे में पूछा। मंडल की सक्रिया बढ़ाने के निर्देश दिए। पार्टी कार्यक्रमों, अभियानों और विभिन्न पखवाड़ों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के दम पर ही खड़ी है। यहां संगठन ही चुनाव लड़ाता है इसलिए चुनाव हो या नहीं लेकिन संगठन को मजबूत करना चाहिए। कहा कि भाजपा ही सिर्फ एकमात्र संगठन है जो सेवा के लिए राजनीति करता है। भाजपा के पास तीन लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं। कोविड-19 महामारी में जब सब दलों के नेता ट्वीट कर रहे थे तब भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवाइयां, राशन आदि बांट रहे थे। इस दौरान नवीन भट्ट, कमल पांडे, महेंद्र सिंह, प्रेमा जोशी, कमल नयन जोशी, प्रताप वोरा आदि मौजूद थे।

जब वक्ताओं ने ली चुटकी…

पति पार्षद, पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष

हल्द्वानी। राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुटकी लेते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का ऐसा उदाहरण कहां मिलेगा जहां पत्नी खुद जिला पंचायत अध्यक्ष हो और पति पार्षद हो। देश में महिलाएं तरक्की कर रही हैं।इस पर सभी हंस पड़े।

 

विजयवर्गीय के पहुंचने से पहले ही हो गई धूमधड़ाका

हल्द्वानी। पश्चिमी मंडल ने कैलाश विजयवर्गीय के स्वागत के लिए आतिशबाजी का इंतजाम किया था। पटाखों की लड़ी रोड पर सजा दी  गई थी कि गाड़ी का हूटर बजा। कार्यकर्ताओं ने सोचा कि विजयवर्गीय पहुंच गए उन्होंने आतिशबाजी जला दी लेकिन वह नहीं पहुंचे। जब धूमधड़ाका हो गई और धुआं धुआं रह गया तब वह पहुंचे।

 

मंझे हुए रणनीतिकार लेकिन विनम्र हैं विजयवर्गीय : प्रदीप बिष्ट

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने में कैलाश विजयवर्गीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अनेकों राज्यों में भाजपा संगठन को खड़ा करने और सरकार बनाने के लिए उनकी ओर देखते हैं। वह मंझे हुए रणनीतिकार और योजनाकार है लेकिन उतने ही विनम्र व संघर्षशील कार्यकर्ता हैं।

 

कांग्रेस के मित्रों से कहा कि तुम्हारी ऐसी की तैसी करने आ रहे हैं’

कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने चुटीले अंदाज में कहा कि कांग्रेस के मित्र पूछ रहे थे कि विजयवर्गीय क्यों आ रहे हैं, इस पर मैंने कहा कि तुम्हारी ऐसी की तैसी करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के 100 सर्वश्रेष्ठ नेताओं में विजयवर्गीय भी शामिल हैं।उत्तराखंड की सत्ता परिवर्तन में भी उनका विशेष योगदान है।