आईआईटी कानपुर के ड्रोन आईइन्वेंटिव में दिखाएंगे जलवा, शोध और तकनीक का लगेगा मेला

कानपुर, अमृत विचार। आईआईटी कानपुर के ड्रोन दिल्ली में आयोजित शोध, तकनीक, नवांचारों का मेला ‘आईइन्वेंटिव’ में जलवा दिखाएंगे। यह कार्यक्रम आईआईटी दिल्ली में 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश भर की 23 आईआईटी अपने अनुसंधान और विकास कार्यों को प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं …

कानपुर, अमृत विचार। आईआईटी कानपुर के ड्रोन दिल्ली में आयोजित शोध, तकनीक, नवांचारों का मेला ‘आईइन्वेंटिव’ में जलवा दिखाएंगे। यह कार्यक्रम आईआईटी दिल्ली में 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश भर की 23 आईआईटी अपने अनुसंधान और विकास कार्यों को प्रस्तुत करेंगे।

उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे, जबकि कई कंपनियों, उद्योगों के प्रमुख और शिक्षाविद् शामिल होंगे। छात्रों को डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया की ताकत दिखाई जाएगी। कई अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्र सम्मलित होंगे।

देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में 23 आईआईटी की ओरी से कुल 75 परियोजनाओं का चयन किया गया है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, स्थिरता, स्मार्ट सिटी वास्तुकला, ग्रामीण कृषि, किफायती स्वास्थ्य देखभाल, ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि शामिल है। आईआईटी कानपुर को ड्रोन प्रौद्योगिकी पर चल रहे अनुसंधान एवं विकास पर प्रस्तुति देगा।

आईआईटी बांबे बहुभाषक परियोजनाओं की जानकारी देगा। आईआईटी मद्रास 5जी कोर और संबद्ध प्रौद्योगिकियों का प्रस्तुतिकरण करेगा, आईआईटी दिल्ली जलवायु परिवर्तन, कृषि, ग्रामीण प्रौद्योगिकियों, आईआईटी खड़गपुर किफायती स्वास्थ्य उपकरणों और आईआईटी हैदराबाद इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के बारे में बताएगा।

देश ही नहीं विदेश में हुआ नाम

आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अभिषेक, प्रो. राजेश समेत अन्य विशेषज्ञ ड्रोन तकनीक पर कार्य कर रहे हैं। प्रो. अभिषेक के निर्देशन में विभ्रम हॉक ड्रोन, आरव, आवेग, नैनो ड्रोन तैयार हो चुके हैं। विभ्रम जहां रेस्क्यू, सर्विलांस, थ्रीडी मैपिंग की खूबी है। इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा कॉकरोच ड्रोन और सर्विलांस ड्रोन विकसित कर चुके हैं।

संस्थान की ओर से सेना के लिए ड्रोन सर्विलांस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। कई अन्य संस्थानों के साथ करार हो चुका है। आईआईटी कानपुर को देश ही नहीं विदेश में भी नाम हो रहा है। संस्थान के बनाए ड्रोन से पहाड़ियों पर सेना को दवाएं पहुंचाने की टेस्टिंग की जा चुकी है। फ्लाइट टेस्टिंग पर काम चल रहा है।

कई संस्थानों के विशेषज्ञ होंगे शामिल

भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। छोटे शहरों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रशासक एवं छात्र, आईआईटी के वैश्विक पूर्व छात्र, विभिन्न सीएफटीआई के फैकल्टी, डीआरडीओ, इसरो, सीएसआईआर और आईसीएआर के वैज्ञानिक आदि शामिल होंगे।

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