हल्द्वानी: नंधौर अभ्यारण से गंदगी दूर करने को वन विभाग लागू करेंगे नया सिस्टम

हल्द्वानी, अमृत विचार। नंधौर अभ्यारण में गंदगी मुक्त अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमे प्लास्टिक और पालीथीन से दूर करने के लिए वन विभाग नया सिस्टम लागू कर रहा है। हाई कोर्ट के निर्देश पर यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके अनुसार वन्यजीव अभ्यारण में घूमने को पहुंचे पर्यटक अगर अंदर कोई सामान …

हल्द्वानी, अमृत विचार। नंधौर अभ्यारण में गंदगी मुक्त अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमे प्लास्टिक और पालीथीन से दूर करने के लिए वन विभाग नया सिस्टम लागू कर रहा है। हाई कोर्ट के निर्देश पर यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

इसके अनुसार वन्यजीव अभ्यारण में घूमने को पहुंचे पर्यटक अगर अंदर कोई सामान लेकर जाते हैं तो जमानत राशि देनी पड़ेगी। सामान में पानी की बोतल, चिप्स, पैकेट या बोतल बंद समेत अन्य चीजों को भी शामिल किया गया है। भारतीय पर्यटकों के लिए पांच हजार और विदेशियों के लिए दस हजार जमानत राशि तय की गई है। सेंचुरी से बाहर आने के बाद पर्यटक जब सभी सामान के खाली रैपर या बोतल दिखा देगा तो उसे पैसे वापस लौटा दिए जाएंगे। यानी उसकी जेब से कुछ नहीं जाएगा।

हल्द्वानी डिवीजन के तहत आने वाली पांच रेंज नंधौर, जौलासाल, डांडा, छकाता और शारदा 260 वर्ग मीटर जंगल को साल 2012 में नंधौर सेंचुरी घोषित किया गया था। इस प्राकृतिक जंगल से लकड़ी कटान भी पूरी तरह बंद है। इस जंगल में बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू समेत अन्य वन्यजीवों का वास है।

चोरगलिया, खटीमा और ककराली गेट से पर्यटकों को अंदर एंट्री मिलती है। हर साल 15 नवंबर से इन गेटों को खोला जाता है। वर्षाकाल में प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। कार्बेट की तर्ज पर नेचर गाइड भी उपलब्ध होते हैं। वहीं, जंगल क्षेत्र में पर्यटकों के आने से गंदगी का डर भी रहता है। प्लास्टिक व पालीथीन का कचरा पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। हाई कोर्ट से स्पष्ट निर्देश आने के बाद अब वन विभाग ने जमानत राशि का नियम लागू कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि अंदर एंट्री पाने से पहले गेट पर वनकर्मी पर्यटकों के सामान को चेक करने के साथ खाद्य पदार्थ, पानी की बोतल समेत अन्य चीजों की गिनती कर उसे रजिस्टर में दर्ज करेगा। जंगल से वापस लौटने पर उसी क्रम में खाली पैकेट, बोतल व अन्य चीजों का मिलान कराया जाएगा। जिसे पता चल जाएगा कि अंदर कोई गंदगी नहीं की गई। जिसके बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे।

सेंचुरी निर्देशक व डीएफओ हल्द्वानी बाबूलाल ने बताया कि अभ्यारण को गंदगी मुक्त करने के लिए हाई कोर्ट के निर्देशानुसार व्यवस्था बनाई गई है। ताकि किसी तरह की गंदगी न हो। नंधौर सेंचुरी में 15 नवंबर से पर्यटकों की आवाजाही होगी।