कमजोर हो रहे हाथ! दनादन पार्टी छोड़ रहे दिग्गज, भारत जोड़ो से पहले कांग्रेस छोड़ो यात्रा

कमजोर हो रहे हाथ! दनादन पार्टी छोड़ रहे दिग्गज, भारत जोड़ो से पहले कांग्रेस छोड़ो यात्रा

नई दिल्ली। गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया जबकि कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने दो दिन पहले पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी मई में पार्टी से इस्तीफा दिया था। इस साल कांग्रेस छोड़ने वाले हाई प्रोफाइल नेताओं में सुनील जाखड़, हार्दिक पटेल, …

नई दिल्ली। गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया जबकि कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने दो दिन पहले पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी मई में पार्टी से इस्तीफा दिया था। इस साल कांग्रेस छोड़ने वाले हाई प्रोफाइल नेताओं में सुनील जाखड़, हार्दिक पटेल, अश्विनी कुमार और आर.पी.एन. सिंह शामिल हैं।

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह काफी समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे और उन्होंने पिछले सप्ताह ही जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, कांग्रेस के लिए यह पहला झटका नहीं है। इससे पहले भी कांग्रेस के कई बड़े नेता पार्टी का दामन छोड़ चुके हैं।

हालिया वर्षों में कांग्रेस छोड़ने वाले तीन नेता भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री हैं। 2015 में कांग्रेस से भाजपा में गए हेमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री हैं। इसी तरह 2016 में भाजपा में आए एन बिरेन सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री हैं। वहीं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा भी 2016 में कांग्रेस से भाजपा में में आए थे। इसी तरह 2018 में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री हैं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ नहीं ‘कांग्रेस छोड़ो यात्रा’ चल रहीः नरोत्तम मिश्रा
कांग्रेस की 7 सितंबर से शुरू होने वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo yatra) पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने निशाना साधा है। नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ नहीं ‘कांग्रेस छोड़ो यात्रा’ (Congress chodo yatra) चल रही है। गुलाम नबी आजाद जी ने इस हवा को और तेज कर दिया है। धारा 370 हटते ही जम्मू कश्मीर में आजादी की बयार चल रही है। कांग्रेस ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रही है। वहीं इधर कांग्रेस छोड़ो यात्रा शुरू हो गई है।

आजाद ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफे में आजाद ने लिखा कि आपके नेतृत्व में पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन 2013 में जब राहुल गांधी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, तब से उन्होंने पार्टी में बातचीत का खाका नष्ट कर दिया। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को साइडलाइन कर दिया और अध्यादेश फाड़कर बचकाना व्यवहार दिखाया था। उन्होंने सोनिया से कहा कि वह केवल पद काबिज है, लेकिन सारे फैसले राहुल गांधी और निजी सहायक ले रहे हैं।

हिमाचल में महत्वपूर्ण पद से इस्तीफा दे चुके हैं आनंद शर्मा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने रविवार को हिमाचल प्रदेश में एक बड़े पद से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा कि वह राज्य इकाई की संचालन समिति के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

जयवीर शेरगिल ने बुधवार को दिया था इस्तीफा
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी इस्तीफा दे दिया था। सोनिया गांधी को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा था कि निर्णय लेना अब जनता और देश के हितों के लिए नहीं, बल्कि यह उन लोगों के स्वार्थी हितों से प्रभावित है, जो चाटुकारिता में लिप्त हैं और लगातार जमीनी हकीकत की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों का घर कांग्रेस से चलता है, लेकिन उनका घर कांग्रेस से नहीं चलता।

सपा के समर्थन से राज्यसभा सांसद बने कपिल सिब्बल
इससे पहले दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने 25 मई को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के बागी नेताओं के समूह में शामिल रहे सिब्बल लगातार गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते आए थे। उन्होंने कांग्रेस में आमूलचूल बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा सांसद का नामांकन दाखिल किया था और निर्विरोध चुने भी गए थे।

कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे सुनील जाखड़
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने मई में भाजपा का दामना थामा था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के खिलाफ बयान के कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी और वो इससे नाराज थे। फेसबुक लाइव में अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चापलूसों से घिरा हुआ है और सिर्फ इसी वजह से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। उसे दोस्त और दुश्मनों की पहचान नहीं है।

कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे आरपीएन सिंह
अश्विनी कुमार से पहले जनवरी में आरपीएन सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस के युवा नेताओं की टीम में शामिल और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी रहे सिंह भाजपा में शामिल हुए थे। इस्तीफा देते वक्त सिंह ने कहा था कि वो 32 सालों तक पूरी ईमानदारी, लगन और मेहनत से एक पार्टी में रहे, लेकिन जिस पार्टी में इतने सालों तक रहे, वह पार्टी अब वैसी नहीं रही है।

अश्विनी कुमार ने भी छोड़ा हाथ
अश्विनी कुमार ने इसी साल 15 फरवरी 2022 को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। वह मनमोहन सिंह सरकार में बतौर केंद्रीय मंत्री कई मंत्रालयों का काम देख चुके हैं। उन्होंने पूर्व में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री, केंद्रीय औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग में राज्य मंत्री और वाणिज्य-उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 1991 में 37 साल की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के एडीशनल सॉलिसिटर बने थे। वह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और इसके विचार विभाग में के अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं। वकील के तौर पर उन्होंने कई अहम केस लड़े, जिनमें भोपाल गैस त्रासदी मामला भी शामिल है। वह 2002 से 2016 तक राज्यसभा के सांसद रहे।

पटेल का बीजेपी में ‘हार्दिक’ स्वागत
हार्दिक पटेल का राजनीतिक करियर गुजरात के पाटीदार आंदोलन से शुरु हुआ। 2020 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली। वह गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रहे. मई 2022 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी की मुखर आलोचना करते रहे हार्दिक पटेल ने जून 2022 में उसी को ज्वाइन कर लिया। बीजेपी ज्वाइन करने पर हार्दिक पटेल ने ट्वीट में लिखा था, मां भारती के प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी, मक्कम गृहमंत्री अमित भाई शाह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाजहित का काम करने के लिए आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ हूं।

कुलदीप बिश्नोई भी भाजपाई
इसी महीने यानी चार अगस्त को हरियाणा के हिसार जिले की आदमपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक के पद से कुलदीप बिश्नोई ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने छह साल बाद कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उनके इस्तीफे को लेकर कहा गया कि वह हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते थे लेकिन अप्रैल में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक पूर्व विधायक उदयभान को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया, यह बात कुलदीप को रास नहीं आई। उन्होंने राहुल गांधी से मिलने के लिए वक्त मांगा लेकिन नहीं मिला। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को वोट न देकर निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को अपना मत दे दिया। आखिर उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली।

क्यों ‘हाथ’ हो रहा कमजोर?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में पार्टी के प्रति असंतोष इसके शीर्ष नेतृत्व को लेकर भी सामने आ चुकी है. पिछले साल अक्टूबर में तय हुआ था कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव इस साल यानी 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा लेकिन सोनिया गांधी ने इसे एक महीना और टाल दिया। राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी को इस पोस्ट के लिए राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर ही भरोसा है इसलिए अध्यक्ष का चुनाव टाला गया। वहीं, अब तक जितने भी नेताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ा है, सभी में कॉमन रूप से राहुल गांधी को विलेन के तौर पर पेश किया है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में से किसी ने प्रत्यक्ष तो किसी ने अप्रत्यक्ष तौर पर यही जताया है कि कांग्रेस में सोनिया-राहुल के अलावा किसी की चलती नहीं। गुलाम नबी आजाद ने भी आज सोनिया गांधी को जो पांच पन्नों को इस्तीफा भेजा है, उसमें राहुल गांधी पर ऐसा ही आरोप लगाया है।

 

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