अयोध्या: पैसा न देने के विवाद में ढाबे कर्मचारियों ने वकीलों को पीटा, 10 से 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अयोध्या। अयोध्या-लखनऊ हाईवे स्थित कालिका हवेली ढाबे पर शनिवार की रात खाने में बाल निकलने के बाद पैसा न देने के विवाद में ढाबे के लोगों ने वकीलों से मारपीट की थी। आरोप यह भी है कि एक वकील पर फायरिंग भी की गई थी, लेकिन अंधेरे की वजह से वह बच गए। मामले में …
अयोध्या। अयोध्या-लखनऊ हाईवे स्थित कालिका हवेली ढाबे पर शनिवार की रात खाने में बाल निकलने के बाद पैसा न देने के विवाद में ढाबे के लोगों ने वकीलों से मारपीट की थी। आरोप यह भी है कि एक वकील पर फायरिंग भी की गई थी, लेकिन अंधेरे की वजह से वह बच गए।
मामले में पुलिस ने ढाबे के मैनेजर, सुपरवाइजर समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए 10 से 15 अज्ञात के खिलाफ धमकी, हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इधर, जिला अस्पताल में अब भी एक अधिवक्ता की हालत नाजुक बनी हुई है। साथी की बिगड़ती हालत को देखकर वकीलों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है।
देवकाली के ओमपुरम कालोनी निवासी अधिवक्ता अश्विनी सक्सेना ने बताया कि शनिवार की शाम 6.30 बजे वह अपने मित्र बार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री विवेक कुमार श्रीवास्तव व अधिवक्ता शिवम सिंह के साथ नाश्ता करने कोटसराय स्थित कालिका हवेली ढाबे पर गए थे। इस दौरान मंगाए गए नाश्ते में बाल निकल आया। हम सभी ने उस आर्डर को वापस कर दिया।
इसके बावजूद होटल मैनेजमेन्ट की ओर से पैसा मांगा गया। हम लोगों ने कहा कि जब कोई चीज खायी नहीं गई तो पैसा किस बात का दूं। यह बात ढाबे के लोगों को अखर गई और मैनेजर ने अपने कर्मचारियों के साथ हम लोगों को पकड़ लिया।
अश्वनी ने बताया कि आरोपियों ने उनका पर्स व विवेक की घड़ी छीन ली। इसके बाद धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। हम लोग अपनी कार में बैठकर यह कहते हुए कि हम लोग वकील है और रिपोर्ट लिखाने थाने जा रहे रहे हैं।
वहां से आने के थोड़ी देर बाद अपने सीनियर अधिवक्ता से एफआईआर लिखवाने के सम्बन्ध मे विचार विमर्श कर रहे थे कि इसी बीच किसी अज्ञात नम्बर से फोन आया कि आप लोग आइये बैठकर वार्ता कर लेते हैं अपना सामान भी ले जाइये। इसके बाद हम लोग लगभग 9.15 बजे कालिका हवेली ढाबे पर पहुंचे।
वहां पहुंचने पर विवेक व शिवम अन्दर गए। चुन्नू सिंह, पुष्कर, आरपी शुक्ला मैनेजर/ सुपरवाइजर, कमल, राजेश मिश्रा (सहायक मैनेजर) व उनके साथ 10-15 स्टाफ के लोग उन दोनो को पकड़कर पीछे की तरफ ले गए और वहा राजेश मिश्रा ने रिवाल्वर निकालकर विवेक पर फायर कर दिया, लेकिन अंधेरे की वजह से निशाना नही लगा।
फायर की आवाज सुनकर अश्वनी व उनके अन्य साथी शोर मचाते हुए अन्दर की ओर भागे। इसी बीच अन्दर से वही लोग बाहर खड़ी मेरी कार को तोड़ने लगे। साथ ही गाली देकर जान से मारने की धमकी देने लगे।
इसी बीच पुलिस आ गयी और दोनों घायल को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद शिवम सिंह को होश आया और उसने पूरी बात बताई, जबकि विवेक बेहोशी की हालत में रहे। थाना कैंट प्रभारी रतन कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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