गोंडा: नवाबगंज पुलिस ने 12 घंटे की टालमटोल के बाद लिखी शिक्षिका के अपहरण की रिपोर्ट

गोंडा: नवाबगंज पुलिस ने 12 घंटे की टालमटोल के बाद लिखी शिक्षिका के अपहरण की रिपोर्ट

गोंडा। दिनदहाड़े बीच सड़क से शिक्षिका का अपहरण कर ले जाने के मामले में 12 घंटे की टालमटोल के बाद नवाबगंज पुलिस ने आखिरकार शिक्षिका के अपहरण कांड की रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामले में आरोपित किए गए जिम संचालक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है। हालांकि वारदात के 36 घंटे बाद …

गोंडा। दिनदहाड़े बीच सड़क से शिक्षिका का अपहरण कर ले जाने के मामले में 12 घंटे की टालमटोल के बाद नवाबगंज पुलिस ने आखिरकार शिक्षिका के अपहरण कांड की रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामले में आरोपित किए गए जिम संचालक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है। हालांकि वारदात के 36 घंटे बाद भी पुलिस आपात शिक्षिका वह आरोपी का पता नहीं लगा सकी है। इसको लेकर नवाबगंज पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शनिवार की सुबह ई-रिक्शा से स्कूल जा रही शिक्षिका का तुलसीपुर माझा गांव के रहने वाले जिम संचालक ने दबंगई दिखाते हुए दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था और अयोध्या की तरफ भाग निकला था। साथी शिक्षकों ने इसकी सूचना पीड़िता की मां को दी तो वह घटना की सूचना देने के लिए नवाबगंज थाने पहुंची लेकिन पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज करने की बजाय पीड़िता की मां को 12 घंटे तक थाने पर बिठाए रखा और रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही।

नवाबगंज थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह प्राथमिकी दर्ज करने के बजाए पीड़िता की मां को सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने का झांसा देते रहे। मीडिया कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद जब मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया तो बैकफुट पर आई नवाबगंज पुलिस ने 12 घंटे की टालमटोल के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। रिपोर्ट दर्ज करने के पहले पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। पुलिस की लचर कार्यशैली ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह का कहना है कि आरोपी जिम संचालक प्रशांत सिंह के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

अपहरण के 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ

शिक्षिका के अपहरण के मामले में 36 घंटे बीतने के बाद भी नवाबगंज पुलिस के हाथ खाली हैं। मोबाइल सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता लगाने का झांसा देने वाली पुलिस अपहरणकर्ता को पकड़ना तो दूर पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा सकी है। वहीं बेटी का सुराग न मिलने पर उसके परिजन किसी अनहोनी घटना की आशंका को लेकर परेशान हैं। पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज परिजन रविवार को पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर से मिले और उन्हें घटना की जानकारी देते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। एसपी ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

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