लखनऊ : सावधान ! रोजगार देने वाली साइट्स कर सकती हैं कंगाल…जानें क्या है वजह

लखनऊ : सावधान ! रोजगार देने वाली साइट्स कर सकती हैं कंगाल…जानें क्या है वजह

लखनऊ। अगर आप नौकरी करने के लिए इच्छुक हैं और इंटरनेट पर रोजगार देने वाली साइट्स पर भरोसा कर रहे हैं। तो यह खबर आपके लिए बेहद उपयोगी है। एक छोटी सी भूल आपकी जमा पूंजी खत्म कर सकती है या फिर आप ब्लैकमेलिंग के शिकार भी हो सकते हैं। यह बात हम नहीं कह …

लखनऊ। अगर आप नौकरी करने के लिए इच्छुक हैं और इंटरनेट पर रोजगार देने वाली साइट्स पर भरोसा कर रहे हैं। तो यह खबर आपके लिए बेहद उपयोगी है। एक छोटी सी भूल आपकी जमा पूंजी खत्म कर सकती है या फिर आप ब्लैकमेलिंग के शिकार भी हो सकते हैं। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि साइबर क्राइम सेल इस बात का दावा कर रही है। रविवार को साइबर क्राइम सेल की मदद से पारा कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान जालसाजों ने अपना जुर्म कबूल किया है।

अन्तर्राष्ट्रीय गैंंग करता था ठगी

पारा कोतवाली प्रभारी दलवीर तिवारी के मुताबिक, चंद्रोदय नगर, राजाजीपुरम निवासी रवि गुप्ता ने बीते 29 अप्रैल को साइबर ठगों के खिलाफ शिकायत देते हुए आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। उस वक्त पीड़ित ने बताया कि वह नौकरी की तलाश कर रहा था। इसके लिए उसने 07 अप्रैल को मॉन्सटर डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाकर सीवी अपलोड की थी। इसके बाद उसे स्टार फाइनेंस सर्विसेज के लिए कॉल आई।

उस दौरान 11 अप्रैल को इंटरव्यू और 17 अप्रैल को ज्वाईनिंग देने के लिए पीड़ित को बुलाया गया। इस दौरान उसकी बातचीत कंपनी के सीनियर अधिकारी रवि झा से हुई थी। तब सीनियर अधिकारी ने उसे टारगेट देते हुए करीब छह लोगों का लोन कराने पर जोर दिया था। इस पीड़ित ने सहमति भर दी थी। इसके बाद पीड़ित ने छह लोगों की फाइलों लोन के लिए लगवाई थी। कंपनी ने फाइल का 07 हजार रूपये जमा करवाया था। इसके अलावा लोगों के वैरिफिकेशन करवाकर था। कंपनी ने सभी से करीब दो लाख 49 हजार रुपये वैरिफिकेशन चार्ज भी लिया था।

इसके बाद भी ग्राहकों को लोन नहीं दिया और नहीं पीड़ित का वेतन दिया। इसके साथ अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया। ठगे जाने पर पीड़ित ने पारा कोतवाली में शिकायत देते हुए साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पार कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम सेल तफ्तीश करने लगी। इसी कड़ी में साइबर क्राइम सेल की मदद से पुलिस ने अन्तर्राज्यीय साइबर ठग अमित, कपिल और अंकित कसाना को गिरफ्तार किया है। बता दें कि पुलिस को इनके पास से स्टार इंडिया फानेंन्सियल सर्विस कंपनी के फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल व एक पेन ड्राइव बरामद हुई। पकड़े गए जालसाज गाजियाबाद जनपद के थाना टीला मोड़ इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के निवासी है। पूछताछ में जालसाजों ने ठगी की बात स्वीकार की है।

रुपयों का बनाया जाता था दबाव

पीड़ित ने बताया कि जालसाज ग्राहकों का फाइल चार्ज और वैरिफिकेशन चार्ज जमा करने के लिए दवाब बनाते थे। इसके लिए वह सैलरी लटकाने की बात भी करते थे। मेहनाते की चाहत में पीड़ित कंपनी की सभी शर्ताें को मनाने लगा। जब जालसाजों ने ठगी कर नंबर स्वीच ऑफ कर लिया तो उसके होश उड़ हो गए और ग्राहक उससे रुपयों को वापस करने का दवाब बनाने लगे थे।

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