बाराबंकी: ग्रामीणों ने श्रमदान कर गोमती नदी पर बनाया लकड़ी का पुल, जानें वजह

बाराबंकी। जिले की विकास खंड हैदरगढ़ से 40 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत चकौरा में गोमती नदी के किनारे कोई पुल न होने के कारण ग्रामीणों को समस्या उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने खुद मेहनत कर अपने हाथों से नदी पर लकड़ी का पुल बनवाकर आवागमन की सुविधा उपलब्ध करायी है। वहीं पूर्व सपा विधायक …
बाराबंकी। जिले की विकास खंड हैदरगढ़ से 40 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत चकौरा में गोमती नदी के किनारे कोई पुल न होने के कारण ग्रामीणों को समस्या उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने खुद मेहनत कर अपने हाथों से नदी पर लकड़ी का पुल बनवाकर आवागमन की सुविधा उपलब्ध करायी है।
वहीं पूर्व सपा विधायक राम मगन रावत ने ग्रामीणों को आश्वसन दिया है कि सपा सरकार आने पर सबसे पहले चकौराघाट पर पक्का पुल का निर्माण कराया जायेगा। जानकारी के अनुसार चौकारा ग्राम पंचायत में गोमती नदी पर अमौनी घाट है जिस पर प्रत्येक माह की पूर्णमासी को मेला लगता है परन्तु कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर विशाल मेला लगता है, यहाँ पर गोमती नदी में पुल न होने की वजह से किसानों तथा दूरदराज से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कई बार धरना प्रदर्शन व जल प्रदर्शन कर सरकार से पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं परन्तु आज तक किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली, थक हार कर सभी ग्रामीणों ने श्रम दान करते हुए स्वयं गोमती नदी अमौनी घाट पर लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन चालू कर दिया।
ग्रामीणों के श्रमदान कर बनाये जा रहे लकड़ी के पुल की सूचना पर पहुँचे सपा नेता चौधरी जैद हुसैन के साथ पूर्व विधायक हैदरगढ़ राम मगन रावत ने ग्रामीणों को आष्वासन दिया कि प्रदेष में सपा सरकार बनी तो पक्का पुल का निर्माण सबसे पहले विधानसभा क्षेत्र हैदरगढ़ में होगा।
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