काशीपुर: जंगलों की आग से भावुक होकर फायरमैन ने लिखी कविता, हजारों लोगों ने किया लाइक

काशीपुर: जंगलों की आग से भावुक होकर फायरमैन ने लिखी कविता, हजारों लोगों ने किया लाइक

अरुण कुमार, काशीपुर। जंगलों में लगी आग को बुझाने में वन कर्मियों, फायर कर्मियों द्वारा हर हथकंडे अपनाने के बाद भी जंगलों में लगने वाली आग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ऐसे में एक फायर कर्मी अपनी कविता के माध्यम से आग से प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने …

अरुण कुमार, काशीपुर। जंगलों में लगी आग को बुझाने में वन कर्मियों, फायर कर्मियों द्वारा हर हथकंडे अपनाने के बाद भी जंगलों में लगने वाली आग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ऐसे में एक फायर कर्मी अपनी कविता के माध्यम से आग से प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। जिससे बेजुबानों का आशियाना और हजारों हेक्टेयर जंगल बच सके।

दरअसल, हर साल जंगलों में लगने वाली आग से हजारों हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ जाता है। जिसमें पेड़ पौधे ही नहीं वन्य जीवों के साथ उनके अंडे भी जल जाते हैं। यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है। अथक प्रयासों के बावजूद भी जंगलों में लगने वाली आग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। साथ ही हर साल गेंहू की सैकड़ों एकड़ पकी फसल भी जलकर राख हो जाती है। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है और कई पीड़ित किसानों को खाने तक के लाले तक पड़ जाते हैं। बाजपुर रोड स्थित फायर स्टेशन में तैनात फायर कर्मी जीवन चंद्र ने जंगलों में लगी आग से प्रेरित होकर अपनी कविता के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। फेसबुक, टयूटर, इंस्ट्राग्राम, यू-टयूब पर अब तक हजारों लोग सुनकर पंसद कर चुके हैं। यह कविता उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच चुकी हैं। जिसे सुनने के बाद लोग सराहना कर रहे हैं।

जंगलों में आग लगाया न करो…

जंगलों में आग लगाया ना करो,

तुम पाप के भागी बना ना करो।

अनगिनत जीवों का आशियाना है जंगल,

इस आशियाने को आग में जलाया ना करो।

तुम पाप के भागी बना ना करो,

कोई बेजुबान घर बना भी रहा होगा,

कोई अपनों के लिए खाने की तलाश में गया भी होगा।

इस आग ने सब कुछ जला भी दिया होगा,

ना जाने कितने वन्य जीवों को बेघर कर भी दिया होगा।

कितनों ने अपनों को पुकारा भी होगा,

उन बेजुबानों की आवाज को इंसानों ने सुना भी ना होगा,

तभी तो बेवजह जंगल को यूं आग की लपटों में जला दिया होगा,

जंगलो में आग लगाया ना करो, तुम पाप के भागी बना ना करो।

हेमपुर डिपो के जंगल में लगी आग ने जीवन को किया भावुक

ग्राम अघरिया ब्लॉक धारी नैनीताल निवासी जीवन वर्ष 2007 में फायर मैन के पद भर्ती हुए है। उन्होंने बताया कि स्कूल समय से ही लिखने का शौक था। पिछले महीने हेमपुर डिपो के जंगलों में लगी आग बुझाने के लिए गए थे। जिसमें काफी जंगल जल गया था। आग बुझाते समय उड़ने वाले वन्यजीव उनकी ओर बढ रहे थे। यह हदयविदारक घटना मन को भावुक कर रही थी। जिससे प्रेरित होकर कविता लिखी। उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाले लोग बीड़ी या सिगरेट का जलता हुआ टुकड़ा फेंक देते हैं। गर्मियों में तापमान अधिक होने और हवा तेज होने के कारण यह टुकड़ा सुलगता हुआ विकराल रूप धारण कर लेता है। जिससे जंगल और फसलें जलकर नष्ट हो जाती है। उन्होंने वन्य संपदा को बचाने की लोगों से अपील की है।