देहरादून : हेलीकॉप्टर एवं गार्ड ऑफ ऑनर विवाद में मदन कौशिक ने मांगी माफी

देहरादून, अमृत विचार। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने गार्ड ऑफ ऑनर तथा हेलीकॉप्टर के बेजा इस्तेमाल को लेकर चारों तरफ से हो रही आलोचनाओं के बाद आखिरकार सत्ता के दुरुपयोग के मामले में माफी मांग ली है। शुक्रवार को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कौशिक ने इस पर अपनी सफाई देते हुए …
देहरादून, अमृत विचार। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने गार्ड ऑफ ऑनर तथा हेलीकॉप्टर के बेजा इस्तेमाल को लेकर चारों तरफ से हो रही आलोचनाओं के बाद आखिरकार सत्ता के दुरुपयोग के मामले में माफी मांग ली है। शुक्रवार को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कौशिक ने इस पर अपनी सफाई देते हुए कहा की गलती अनजाने में हुई है, अतः उसके लिए खेद है और हेलीकॉप्टर इस्तेमाल में जो भी खर्च आया है उसे पार्टी वहन करेगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों कौशिक के बागेश्वर दौरे के दौरान उनकी सोशल मीडिया साइट्स पर हेलीकॉप्टर से उतरते हुए तथा गार्ड ऑफ ऑनर लेते हुए तस्वीरें वायरल हुई थी। जबकि सरकारी हेलीकॉप्टर एवं गार्ड ऑफ ऑनर केवल मुख्यमंत्री और राज्यपाल को दिया जाता है साथ ही हेलीकॉप्टर भी अपरिहार्य परिस्थितियों के अलावा पार्टी के लोगों को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है।
मदन कौशिक हालांकि खुद दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में विधानसभा में विपक्ष के सवालों एवं हमले का जवाब भी देते रहे नियमों और संसदीय परंपराओं की जानकारी के बावजूद भी उनके द्वारा इस तरह सरकारी हेलीकॉप्टर इस्तेमाल के साथ-साथ गार्ड ऑफ ऑनर लेने पर विपक्ष ने उन पर निशाना साधा था। शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस प्रकरण पर माफी मांगी है। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार ने भी कहा कि कौशिक के माफी मांगने के बाद यह प्रकरण अब समाप्त हो गया है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा की पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सेवाओं को किस रूप में इस्तेमाल किया जाता है इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा भाजपा को अनुभवी लोगों की जरूरत है। उन्हें उम्मीद है कि त्रिवेंद्र रावत के अनुभव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व उन्हें उनकी क्षमताओं के अनुरूप जरूर जिम्मेदारी देगा।