प्रेम मेरा मधुबन है…

प्रेम मेरा मधुबन है प्रेम ही सत्य सजन है प्रेम है मीरा प्रेम है राधा प्रेम कृष्ण का मन है। प्रेम भरत संग सिंहनी का प्रेम मेरी निज जननी का प्रेम अवध है प्रेम है काशी प्रेम नगर कह सजनी का। प्रेम है गंगा प्रेम है जमुना प्रेम सिया संग राम का प्रेम की भाषा …

प्रेम मेरा मधुबन है
प्रेम ही सत्य सजन है
प्रेम है मीरा
प्रेम है राधा
प्रेम कृष्ण का मन है।

प्रेम भरत संग सिंहनी का
प्रेम मेरी निज जननी का
प्रेम अवध है
प्रेम है काशी
प्रेम नगर कह सजनी का।

प्रेम है गंगा
प्रेम है जमुना
प्रेम सिया संग राम का
प्रेम की भाषा सूर ने जानी
शाश्वत है यह जग ने मानी।

प्रेम हलाहल शिव का है
प्रेम सती बिन तांडव भी
प्रेम हिमालय
प्रेम शिवालय
प्रेम द्रोपदी संग पांडव भी।

प्रेम मेरा अनुबंध है
प्रेम ही सकल संबंध
प्रेम मिलन है
प्रेम ही बिछुड़न
प्रेम तो मधुर सुगंध है।

घायल पंछी बुद्ध का प्रेम
बरसों वो शबरी का प्रेम
प्रेम अगन है
प्रेम लगन है
प्रेम तुलसी का नित नेम।

प्रेम भ्रमर का गीत नया
सरगम से सधा संगीत नया
प्रेम मनोहर
प्रेम धरोहर
प्रेम मेरा निज गीत नया।।

-बीएस गौनिया, हल्द्वानी