ये दिल का मामला है, कुछ इस तरह बेहाल कर देता है ब्रेकअप

ये दिल का मामला है, कुछ इस तरह बेहाल कर देता है ब्रेकअप

नई दिल्ली। तेजी से बदलती दुनिया में लोगों को रिश्ता बनाने के साथ ही रिश्ता तोड़ने में भी आजकल समय नहीं लगता। रिश्तों की ये नाजुक डोर भरोसे पर ही टिकी होती है। आमतौर पर ये माना जाता है कि ब्रेकअप के बाद व्यक्ति इमोशनल रुप से कठिनाईयों का सामना करता है लेकिन बहुत से …

नई दिल्ली। तेजी से बदलती दुनिया में लोगों को रिश्ता बनाने के साथ ही रिश्ता तोड़ने में भी आजकल समय नहीं लगता। रिश्तों की ये नाजुक डोर भरोसे पर ही टिकी होती है। आमतौर पर ये माना जाता है कि ब्रेकअप के बाद व्यक्ति इमोशनल रुप से कठिनाईयों का सामना करता है लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि ब्रेकअप न सिर्फ व्यक्ति को भावानात्मक रूप से आहत करता है बल्कि इससे वह शारीरिक रूप से भी प्रभावित होता है।

ब्रेकअप के बाद व्यक्ति को कुछ शारीरिक बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। चूंकि ब्रेकअप के बाद कोई भी इंसान भावानात्मक रूप से काफी आहत होता है ऐसे में उसे कुछ बीमारियां आसानी से घेर लेती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ब्रेकअप के बाद व्यक्ति को किन बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

ब्रेकअप के बाद मांसपेशियों में दर्द होता है जिसके चलते शरीर में मौजूद कार्टिसोल हॉर्मोन की सप्लाई पाचन संबंधी अंगों की तरफ डायवर्ट हो जाती है। जब कार्टिसोल की सप्लाई पाचन संबंधी अंगों की तरफ जरूरत से ज्यादा होती है तो भूख कम लगती है। डायरिया और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं भी पैदा होने लगती हैं। एक शोध के अनुसार जब लोग ब्रेकअप के दौर से गुज़र रहे होते हैं तो उनका मस्तिष्क भूख मिटाने वाले हॉर्मोन का उत्पादन अधिक मात्रा में करता है।

ब्रेकअप के दौरान अक्सर मन में नकारात्मक ख्याल आते हैं। इन नकारात्मक ख्यालों के कारण अवसाद, अकेलापन, तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। ऐसे में शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है और व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ता है।

ब्रेकअप के बाद अधिकतर लोग नींद न आने की समस्या से परेशान रहते हैं. प्यार में असफल होने के बाद तनाव बढ़ने लगता है। तनाव बढ़ने के कारण शरीर में कार्टिसोल का उत्पादन तेजी से बढ़ता है। इसका बॉडी क्लॉक पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। तनाव के चलते ही नींद न आने की समस्या सामने आती है और शरीर की हालत बिगड़ने लगती है।

कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि ब्रेकअप के समय व्यक्ति भावनात्मक रूप से टूट जाता है इसलिए उस वक्त उसे हार्ट संबंधी तकलीफ या दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है। दरअसल ब्रेकअप के दौरान व्यक्ति के शरीर में एंड्रेनालाइन का स्तर बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में हार्ट अटैक होने की संभावना बनी रहती है।

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