बदायूं: 17 साल पुराने मामले में एक दोषी को मिली 3 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया

बदायूं, अमृत विचार: लगभग 17 साल पुराने मामले में हाथ की हड्डी तोड़ने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पांच हजार का जुर्माना लगाया है। इस मामले के एक अन्य आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उघैती क्षेत्र निवासी महावीर ने तहरीर देकर बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर 8 मार्च 2008 को शरह बरौलिया स्थित सिद्ध बाबा मंदिर पर मेला चल रहा था। मेले में नौटंकी चल रही थी। उनका बेटा मृगेंद्र पाल सिंह उर्फ बिल्लू और कुलदीप सिंह पुत्र लान सिंह और अन्य लोग भी मेला देखने गए थे। नौटंकी देखने के दौरान शरह बरौलिया निवासी सूरज देव पुत्र राधा बल्लभ, तन्नू पुत्र मुकेश ने रात के समय मृगेंद्र पाल सिंह और उनके साथियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। मृगेंद्र पाल सिंह ने गाली देने से मना किया तो उन लोगों ने लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। वह चोटिल हो गए।
मेडिकल परीक्षण कराने पर पता चला कि मृगेंद्र पाल सिंह के हाथ की हड्डी टूट गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और आरोपियों के खिलापु साक्ष्य संकलित करके कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर और दलील सुनने के बाद सूरज देव को तीन साल ली सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी तन्नू की विचारण के दौरान मौत हो गई थी।
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