Kanpur: जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलेंगी सस्ती दवाएं, खोले जाएंगे जन औषधि केंद्र, स्वास्थ्य विभाग ने पूरी की तैयारी

Kanpur: जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलेंगी सस्ती दवाएं, खोले जाएंगे जन औषधि केंद्र, स्वास्थ्य विभाग ने पूरी की तैयारी

कानपुर, अमृत विचार। मरीजों को सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण दवाएं मिल सके, इसके लिए जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग होली के बाद से केंद्रों को खोलने की शुरुआत करेगा। ताकि मरीजों को 50 से 90 फीसदी तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध हो सके। जन औषधि केंद्र खुलने से मरीजों को जेनेरिक दवाएं भी उपलब्ध होगी और इसके लिए मरीज या उनके तीमारदारों को अधिक रुपये भी खर्च नहीं करने पड़ेगे। 
 
अभी शहर के हैलट, कार्डियोलॉजी और उर्सला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन किया जा रहा है, इनमें जांच के लिए अस्पताल की टीम और ड्रग विभाग की टीमें समय-समय पर पहुंचती हैं, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। इन तीन अस्पतालों के अलावा अब 17 और स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने की है। 

450 तरह की दवाएं और सर्जिकल सामान मिलेगा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीदत्त नेमी ने बताया कि 120 स्क्वॉयर फिट की जगह जन औषधि केंद्रों लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करा दी गई है। फर्नीचर, बिजली, नेट आदि की व्यवस्था केंद्र खोलने वालों को खुद करनी होगी। इस संबंध में लगातार उनके साथ बैठकें हो रही हैं। औषधि केंद्र संचालकों के साथ समझौता होते ही इसी माह  केंद्र खुलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। केंद्रों पर 450 तरह की दवाएं और सर्जिकल सामान उपलब्ध होंगे। 

10 लाख मरीजों को मिलेगा फायदा 

जनऔषधि केंद्र के लिए चयनित अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों पर 10 लाख से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। सीएमओ के अनुसार इन मरीजों को काफी राहत मिलेगी। केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस ड्रग विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि  आवेदन आते ही लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 

बीते माह में खत्म हो चुका है अनुबंध 

तीन साल पहले हैलट, उर्सला और सीएचसी समेत सात स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोले गए थे, जिनका अनुबंध बीते माह फरवरी में समाप्त हो गया है। इन केंद्रों पर आने वाले रोगी कई बार शिकायत कर चुके हैं कि जन औषधि केंद्रों में न्यूरो, स्किन, सर्जरी और यहां तक कई बार पेट संबंधी बीमारी की भी दवा नहीं मिलती। इसलिए मजबूरन निजी मेडिकल स्टोरों से दवाएं महंगे दामों में खरीदनी पड़ती है। सीएमओ ने बताया कि नए केंद्रों की सख्ती से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि मरीजों को केंद्र में मौजूद सभी दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

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