विपक्ष के इरादे खतरनाक, विभाजन इनके डीएनए में: योगी

देवरिया। कांग्रेस का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से विपक्ष की विभाजनकारी नीतियों से लोगों को सावधान रहने की अपील की है। इसी सोच के तहत इन्होंने पहले देश बांटा और अब ये समाज को बांटने के प्रयास में हैं। कांग्रेस, सपा और बसपा का बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने कहा है …
देवरिया। कांग्रेस का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से विपक्ष की विभाजनकारी नीतियों से लोगों को सावधान रहने की अपील की है। इसी सोच के तहत इन्होंने पहले देश बांटा और अब ये समाज को बांटने के प्रयास में हैं। कांग्रेस, सपा और बसपा का बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने कहा है कि विपक्षी दलों की सोच घटिया और इरादे खतरनाक हैं। विभाजन इनके डीएनए में है।
देवरिया विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर योगी ने शनिवार को आयोजित बूथ प्रमुख, बूथ प्रभारी, सेक्टर संयोजक और सेक्टर प्रभारियों की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इनके लिए अपने खानदान का हित ही सर्वोपरि है, बाकी सब गौण। 15 साल तक प्रदेश की सत्ता पर काबिज रहने वाली बसपा और सपा के पास उपलब्धि के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार और अराजकता है। समय-समय पर इन दलों ने अपने हित में लोकतंत्र और संविधान का गला घोटा है। इनका विकास सिर्फ नारों और भाषणों तक सीमित रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास की असली शुरुआत तो छह साल पहले केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में भाजपा की सरकार बनने के साथ हुई। प्रधानमंत्री के ही मार्गदर्शन में वही काम उत्तर प्रदेश में हो रहा है। चौतरफा विकास के नाते भाजपा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जनता में एक सकारात्मक भाव पैदा हुआ है। ऐसे में कोई मौका न देखकर इन दलों की नाखुशी अब हताशा में बदल चुकी है। लिहाजा वे सरकार को बदनाम करने का हर हथकंडा अपना रहे हैं पर इनके मंसूबे कभी पूरे होने वाले नहीं।
योगी ने कहा कि 1974 से 2017 के बीच इंसेफेलाइिटस से पूर्वांचल के 50 हजार मासूमों की मौत हुई। मरने वालों में से अधिकांश गरीबों के बच्चे थे। कभी किसी ने आवाज नहीं उठाई। सिर्फ तीन वर्षों में हम इंसेफेलाइटिस को जड़ से समाप्त करने की ओर हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि देवरहवा बाबा की यह पावन धरती कभी ‘चीनी का कटोरा’ कहीं जाती थी। यहां की सारी अर्थव्यवस्था गन्ने पर ही आधारित थी। उनसे पूछिए जिनके कार्यकाल में एक-एक कर चीनी मिलें बिकती गईं। उनको किन लोगों ने औने-पौने दाम पर बेच दिया। यहां की चीनी मिलों को मामला कोर्ट में है। फैसला होते ही पिपराइच और मुंडेरा की तरह देवरिया में भी आधुनिक चीनी मिलें बनेंगी।