राम का जीवन मानव मात्र के लिए आचार संहिता: कौशल

नरेन्द्र भदौरिया की लिखित पुस्तक ‘अनंत’ का लोकार्पण

राम का जीवन मानव मात्र के लिए आचार संहिता: कौशल

लखनऊ अमृत विचार । मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन मानव मात्र के लिए आचार संहिता है। त्याग की प्रतिमूर्ति श्रीराम का समरसता पूर्ण व्यवहार अनुकरणीय है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल ने कही। वह मंगलवार को नरेन्द्र भदौरिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘अनंत’ लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे।
इस अवसर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के लेखन से परिवारों में अध्ययन की नई लौ जागेगी। डॉ. मिश्रा ने बताया किस प्रकार से अयोध्या में एक भव्य प्रांगण पर पुनः कार्य शुरू हुआ है और जिसे देखने देश.विदेश से श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित हो रहे हैं।
पुस्तक विमोचन के इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी में अपने अनुभवों को साझा करते हुए अयोध्या में अंधकार से उजियारे की ओर समाज और परिवारों को ले जाने की इस मुहिम को अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कि इस परिकल्पना को प्रत्येक व्यक्ति को अपनाना है ताकि सुख.दुख में सभी भागीदार बन सकें।
पुस्तक लेखक नरेंद्र भदौरिया ने कहा कि श्रीराम का जीवन सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण का बीजमंत्र है। पुस्तक अनंत विभिन्न लेखों का संग्रह है जिसमें देश,संस्कारों से संबंधित लेखन को संजोया गया है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संयुक्त क्षेत्र के ग्राम विकास विभाग के प्रमुख वीरेन्द्र सिंह, हाईकोर्ट लखनऊ के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए एन वर्मा, अपर महाधिवक्ता अशोक कुमार शुक्ल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा.विक्रम सिंह और राष्ट्र सेविका समिति की क्षेत्र प्रचारिका शशि मंचासीन रहीं।
कार्यक्रम में प्रान्त सह सेवा प्रमुख तेजभान, विभाग कार्यवाह अमितेश सिंह, विभाग प्रचारक अनिल, क्षेत्र पर्यावरण गतिविधि प्रमुख ललित श्रीवास्तव,संघ की प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रशान्त भाटिया उपस्थित रहे।