मुरादाबाद : ब्लैक स्पॉट में नहीं हुआ सुधार, हादसों में जा रही जान
लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों ने हादसों की रोकथाम को नहीं किया स्थायी समाधान

कोहिनूर तिराहा के पास इसी ब्लैक स्पॉट पर अक्सर होते हैं हादसे।
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले के 16 ब्लैक स्पॉट में सुधार नहीं होने से हादसों में लोगों की जान जा रही है। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह की कई बार की चेतावनी के बाद भी लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों ने हादसों की रोकथाम की स्थायी व्यवस्था नहीं की है। सिर्फ एक ब्लैक स्पॉट को ही अधिकारी दुरुस्त कर पाए हैं।
सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की बढ़ती संख्या से प्रदेश सरकार चिंतित है। मुख्यमंत्री ने ब्लैक स्पॉट, खराब रोड व स्पीड ब्रेकरों में सुधार करने के निर्देश दिये हैं। जिले में 2016 में जनपद के सबसे अधिक हादसे होने के बाद 3 साल पहले 2020 में 17 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए थे। मंडलायुक्त कई बार जिले के ब्लैक स्पॉट को खत्म करने, खराब रोड व गलत आकार में बनाए गए स्पीड ब्रेकरों में सुधार करने को लेकर पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के मंडलीय अधिकारियों को कई बार बैठकों में चेतावनी तक दे चुके हैं।
इसके बाद भी ब्लैक स्पॉट की स्थिति जस की तस बनी हुई है। मात्र एक ब्लैक स्पॉट भोजपुर इस्लाम नगर को पीडब्ल्यूडी द्वारा सही कराया गया है। इसके बाद बाकी ब्लैक स्पॉट और जनपद में दस किलोमीटर तक नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे खराब हालत में पड़े हैं। स्टेट हाईवे पर कई स्थानों पर जैसे मुरादाबाद-चंदौसी व संभल मार्ग और काशीपुर मार्ग पर बने स्पीड ब्रेकर भी हादसों की मुख्य वजह बने हुए हैं। ब्लैक स्पॉट पर हादसों के नियंत्रण के लिए अभी तक जिम्मेदारों के द्वारा कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया।
हालांकि एनएचएआई के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जबकि ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए 130 करोड़ 41 लाख की धनराशि लोक निर्माण विभाग को 2022 में ही आवंटित की जा चुकी है। बावजूद इसके अभी तक कोई सुधार नहीं किया जा सका है। ऐसे में होने वाले हादसों में लोगों की जान जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खराब रोड व ब्लैक स्पॉट बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते जा रहे है। पीडब्ल्यूडी, स्टेट हाइवे, एनएचएआई के मार्ग पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट के अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधारीकरण के लिए जारी कार्य गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा कराने निर्देश दिये हैं।
17 में से मात्र एक ब्लैक स्पॉट ही सात साल में सही हो पाया है। यातायात पुलिस को हादसा होने के बाद सूचना मिलती है। जिसको लेकर कई बार जिलाधिकारी और एसएसपी की बैठक में ब्लॉक स्पॉट को सही करने के लिए कहा भी गया। लेकिन, बात सिर्फ बैठकों तक ही सीमित होकर रह जाती है। 16 ब्लैक स्पॉट पर अभी भी हादसों में जान जाने का हर समय खतरा बना रहता है। -सुभाष चंद गंगवार, एसपी यातायात
जिले में यहां हैं ब्लैक स्पॉट
- मझोला एनएच 09 जीरो प्वाइंट
- मझोला एनएच 24 मझोला थाने के सामने
- पाकबड़ा एनएच 09 सीएनजी पंप व टीएमयू
- मूंढापांडे एनएच 09 जीरो प्वाइंट
- मूंढापांडे एनएच 09 स्योहराबाजे
- मूंढापांडे एनएच 09 मनकरा मोड़
- बिलारी एनएच 509 हाथीपुर
- कुंदरकी एनएच 509 नानपुर
- कटघर एनएच 734 काशीपुर तिराहा व रामपुर दाेराहा
- सिविल लाइंस एसएच 49 किला तिराहा
- कटघर एसएच 43 कोहिनूर तिराहा
- छजलैट एसएच 49 कैच की पुलिया
- छजलैट एसएच 49 छजलैट तिराहा
- कांठ एसएच 76 उमरी चौराहा
- मैनाठेर एसएच 148 महमूदपुर माफी
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