बरेली: एनआरआई कोटा से बीटेक और एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के बहाने 35 लाख ठगे

बरेली: एनआरआई कोटा से बीटेक और एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के बहाने 35 लाख ठगे

बरेली/कैंट, अमृत विचार। कैंट क्षेत्र में आईएएस अफसर और पठानकोट में तैनात सूबेदार समेत तीन लोगों ने दो सूबेदार मेजरों के बेटे और बेटी का सरकारी कॉलेज में एनआरआई स्पॉन्शरशिप कोटा के तहत बीटेक और एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर 34.70 लाख रुपये की ठगी कर ली।

ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर कैंट पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।

कैंट में सेना के जीई-ईस्ट में तैनात सूबेदार मेजर विक्रम दत्त त्यागी के मुताबिक उनका बेटा आर्यन बीटेक की तैयारी कर रहा है। इस दौरान उनकी बातचीत पठान कोट में सीडब्ल्यूई मामून कैंट में तैनात सूबेदार मेजर सोहन प्रसाद से हुई। 

उन्होंने बताया कि उनके ऑफिस में तैनात सूबेदार संदीप सिंह की मिनिस्ट्री में काफी जान पहचान है। वह कई बच्चों का सरकारी कॉलेज में एडमिशन करा चुके हैं। जिसके बाद उन्होंने सूबेदार संदीप सिंह से बात की। जिस पर संदीप ने कहा कि एजुकेशन विभाग के डायरेक्टर आईएएस हर्ष कुमार गोयल के पीए रिषी यह सब काम करते हैं। जिसके बाद तीनों ने सरकारी कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर उनसे 14.25 लाख की ठगी कर ली। 

दूसरे मामले में सेना में जूनियर कमीशन अफसर ओमपाल सिंह निवासी कांधरपुर सद्भावना कॉलोनी कैंट के मुताबिक कि उनकी बेटी का सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर 20.45 लाख रुपये की ठगी की गई है। आरोपियों ने उनको दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज का फर्जी लेटर तक भेज दिया। ठगी का एहसास होने पर रुपये वापस मांगने के लिए फोन किया, लेकिन बंद जा रहा था।

दोनों पीडितों की शिकायत पर एसएसपी ने कैंट पुलिस को रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई के आदेश दिए। जिसके बाद पुलिस ने सूबेदार ओमपाल और सूबेदार मेजर विक्रम दत्त की तरफ से अलग-अलग रिपोर्ट में आरोपी सूबेदार संदीप कुमार सिंह, रिषी भारद्वाज व हर्ष कुमार गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी आईएएस है या नहीं विवेचना में होगा साफ
कैंट थाना प्रभारी बलवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी आईएएस है या नहीं अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। विवेचना के दौरान यह सब साफ होगा कि कौन क्या है।

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