हल्द्वानी: ऐसा क्या हो गया जो 5 दिन में डीआईजी भी पता नहीं कर सके रिवर व्यू के मालिक का नाम?
रिसॉर्ट में लगा था शराब, शबाब और जुआरियों का जमघट, जुआरियों के सिंडिकेट से जुड़ा था दो बड़े नेताओं का नाम

ई राज्यों के 21 जुआरी और 12 बार बालाओं की हुई थी गिरफ्तारी
हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य में चोरी छिपे पनप रहे कैसीनो कल्चर का पुलिस और एसओजी ने भंडाफोड़ किया था। शराब और शबाब से सजी जुआरियों की इस मंडली के दर्जनों लोग पुलिस ने हिरासत में लिए, लेकिन ताज्जुब इस बात है कि रिसॉर्ट का मालिक कौन है, पुलिस पता नहीं कर सकी और न ही 5 दिन बाद डीआईजी डॉ.योगेंद्र सिंह रावत इसका जवाब दे सके।
हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर डोलमार में रिवर व्यू रिसॉर्ट है। ये रिसॉर्ट किसका है, पूरा शहर जानता है और कोई नहीं जानता तो वह है पुलिस। ये वही पुलिस है जिसने बीती 25 सितंबर की रात रिसॉर्ट में एसओजी के साथ छापा मारा था। रिसॉर्ट में कई राज्य से पहुंचे 21 जुआरी पकड़े गए थे और 12 बार बालाओं को शराब परोसते और जुआ खिलाते गिरफ्तार किया गया था। इतने सारे में लोगों में सिर्फ एक रिसॉर्ट का मैनेजर पंकज जाने कैसे पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया। अगले दिन मामला खुला तो लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा, लेकिन बात तब बिगड़ गई जब इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि जिस रिसॉर्ट में छापा मारा गया वो एक बड़े नेता है। ये बड़ा नेता और एक और बड़े नेता के साथ मिलकर जुआरियों का सिंडिकेट चला रहा था।
बहरहाल, रिसॉर्ट का मैनेजर पुलिस की पहुंच से दूर है और जब जिला पुलिस से होटल के मालिक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब मिला कि पता किया जा रहा है। शुक्रवार को कुमाऊं के नए डीआईजी डॉ.योगेंद्र सिंह रावत हल्द्वानी कैंप कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों से मुलाकात की। डीआईजी से भी रिसॉर्ट के मालिक और मामले के पीछे आ रहे नेताओं के नाम के बारे में पूछा गया। इस पर डीआईजी ने भी गोलमोल जवाब दिया, लेकिन रिसॉर्ट के मालिक का नाम नहीं बताया। हां ये जरूर कहाकि आज के दौर में कहां किसका नाम छिपता है।
आईजी भरणे के काम की समीक्षा करेंगे डीआईजी
हल्द्वानी : आईजी डॉ.निलेश आनंद भरणे हल्द्वानी के यातायात और अतिक्रमण को लेकर काफी काम किया था। इसके लिए उन्होंने टीमें भी गठित की थी, लेकिन भरणे का तबादला हुआ और टीमें स्थिल पड़ गईं। जिन सड़कों से अतिक्रमण हटा कर जाम मुक्त किया गया था वहां फिर से जाम लगने लगा। इसको लेकर जब डीआईजी से पूछा गया कि वह पूर्व आईजी के अभियानों को आगे बढ़ाएंगे। इस पर उन्होंने कहा, पहले आईजी के अभियानों की समीक्षा करेंगे।
डीआईजी ने गिनाई प्राथमिकताएं
- वर्ष 2025 तक नशा मुक्त कुमाऊं सबसे पहली प्राथमिकता
- रिस्पान्सिव पुलिसिंग, पुलिस का जनता के प्रति व्यवहार कैसा है
- एडीटीएफ अधिक एक्टिव किया जाएगा
- साइबर क्राइम के खिलाफ जागरुक अभियान
- सुचारु यातायात के लिए दो प्रकार की योजना बनेगी
- अतिक्रमण से यातायात बाधित करने वालों पर कार्यवाही
फिर बिना पूर्व सूचना रूट डायवर्ट, जनता परेशान
हल्द्वानी : एक बार फिर पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के शहर के तमाम रूट डायवर्ट कर दिए और इससे आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी। 29 सितंबर को सुबह पौने 10 बजे पुलिस ने डायवर्जन प्लान जारी किया। जिसके मुताबिक 29 सितंबर की शाम 7 बजे से 8 बजे तक होटल कंट्री इन भीमताल से लेकर नैनीताल हाईकोर्ट तक यातायात प्रभावित रहेगा। जबकि यह सूचना एक दिन पूर्व ही दी जानी चाहिए थी। इसी तरह 30 सितंबर को सुबह 9 से 11 बजे तक होटल कंट्री इन भीमताल से भवाली बाजार होकर नैनीताल हाईकोर्ट तक यातायात प्रभावित रहेगा।