तेजी से आर्थिक पुनरुद्धार के लिए देशों को विकासोन्मुख संरचनात्मक सुधारों की जरूरत- आईएमएफ

नई दिल्ली। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने रविवार को कहा कि वैश्विक पुनरुद्धार धीमा और असमान है। उन्होंने वित्तीय स्थिरता और विकासोन्मुख संरचनात्मक सुधार के लिए मजबूत नीतियों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। जॉर्जीवा ने यहां जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में कहा कि जी20 सदस्यों को बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) को मजबूत करके जलवायु वित्त के लिए प्रति वर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर का समर्थन देने के वादे को पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने जलवायु कार्रवाई के लिए अपने लचीलेपन और स्थिरता ट्रस्ट (आरएसटी) के माध्यम से कमजोर देशों का समर्थन करने के लिए 40 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का प्रावधान कि है। उन्होंने कहा कि देशों को कर सुधारों, प्रभावी सार्वजनिक खर्च, मजबूत वित्तीय संस्थानों और मजबूत स्थानीय ऋण बाजारों के जरिए हरित संक्रमण के वित्तपोषण और प्रबंधन के लिए घरेलू संसाधन जुटाने की भी जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि कोविड-19 महामारी से वैश्विक पुनरुद्धार अभी धीमा और असमान है, इसलिए सभी देशों को आर्थिक और वित्तीय स्थिरता और विकास-उन्मुख संरचनात्मक सुधारों का समर्थन करने के लिए ठोस नीतियां अपनानी चाहिए।
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