झांसी प्रशासन ने लोगों को नदी के बीच टापुओं पर न जाने की दी सलाह

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिला प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश के कारण बांधों से पानी छोड़े जाने और इस वजह से नदियों के उफान पर होने की स्थिति के मद्देनजर जिले में नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से नदी के बीच बने टापुओं पर न जाने की सलाह रविवार को दी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपद के समस्त आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के कारण डैम से पानी छोड़ा जा रहा है।
जिस कारण नदियां उफान पर हैं, इसके दृष्टिगत नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीण किसी भी दशा में नदी के मध्य टापू पर ना जाएं और ना ही नदी के किनारे किसी भी तरह की गतिविधि करें। उन्होंने आह्वान किया कि आप सभी सुरक्षित रहें और अन्य लोगों को भी सुरक्षित रहने की सलाह दें।
जिलाधिकारी ने अब तक माताटीला बांध से लगभग 36895 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण कई गांव प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए नदी के किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने ऐसे गांव जो नदी किनारे हैं और पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले हैं, वहां के ग्राम प्रधान, ग्राम निगरानी समिति, लेखपाल, सचिव सहित अन्य सभी को सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सभी लोग पूर्ण सतर्क रहते हुए नदी के बढ़ते जल स्तर पर सतत् दृष्टि बनाए रखें और लगातार जानकारी देते रहे। विभिन्न विभागीय अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि नदी के तट के किनारे कोई गौ-आश्रय स्थल है तो वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाए। पशु हानि और जन हानि किसी भी दशा में ना हो इसे अवश्य सुनिश्चित कर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि राजघाट डैम से 38335 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, माताटीला से 36895 क्यूसेक पानी अब तक छोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि मातातीला से छोड़े गए पानी को देखते हुए सुकुवां-ढुकुवां बांध, पारीछा बांध एवं पहाड़ी बांध पर प्रशासन की सतत् दृष्टि बनी हुई है। यदि कोई समस्या हो तो तत्काल कलेक्ट्रेट स्थित जन सुविधा केंद्र के कंट्रोल रूम के फोन नंबर- 0510-2371199, 2371100 पर तत्काल सूचना दें।