नैनीताल: बलियानाला भूस्खलन प्रभावितों को बीते 3 साल से नहीं मिला घरों का किराया

नैनीताल, अमृत विचार। बलियानाला क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विस्थापित करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। इस वर्ष भी बलियानाला क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के दौरान प्रशासन ने क्षेत्रीय लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों ने इस बार अपने घर छोड़कर किराए के घरों में विस्थापित होने से इनकार कर दिया है।
लोगों का कहना है कि बीते 3 साल पहले जिन लोगों को प्रशासन ने आपदा के दौरान किराए के घरों में जाने और सभी को किराया देने का वादा किया था उन लोगों को आज तक प्रशासन ने एक रुपया तक नहीं दिया है। मानसून सीजन के दौरान प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने के नाम पर निकटवर्ती जीजीआईसी स्कूल प्राइमरी स्कूल व अन्य स्कूलों में भेज दिया जाता है जहां पर विस्थापितों के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं होती।
क्षेत्रीय सभासद रेखा आर्य बताती हैं कि आपदा के दौरान हरीनगर क्षेत्र से विस्थापन के नाम पर लोगों को सरकारी स्कूल के एक हॉल में 20-22 परिवारों को सामूहिक रूप से रख दिया जाता है। जहां पर उन लोगों के लिए न तो शौचालय की उचित व्यवस्था होती है न ही बिजली पानी की। अपने घरों से स्कूल में विस्थापित हो जाने के बाद प्रशासन के लोग उनकी सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं देते, न ही उनका हाल जानने आते हैं। इसको देखते हुए इस बार सभी लोगों ने अपना घर न छोड़ने का फैसला किया है।
2021 के दौरान बलिया नाला क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के दौरान उन्हें घर छोड़कर किराए के घर में जाने के निर्देश दिए थे और कहा था कि सभी को प्रशासन के द्वारा किराया दिया जाएगा लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद उन्हें कोई किराया नहीं दिया गया।
उमेश कुमार, क्षेत्रीय निवासी।
हम लोग दिहाड़ी मजदूरी कर कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं ऐसे में नैनीताल शहर में महंगाई दर पर मिलने वाले किराए मैं कमरा नहीं ले सकते इसके बावजूद भी उन्होंने अधिकारियों के आश्वासन पर किसी तरह उन्होंने बाजारों में कमरा किराए पर लिया और आज तक उन्हें किराए का भुगतान नहीं किया गया।
प्रकाश राम, क्षेत्रीय निवासी।
नोटिस देने आए प्रशासन के लोगों ने उन्हें घर खाली करने के आदेश दिए थे और कहा था कि सभी लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और उन्हें सरकार के द्वारा घरों का किराया दिया जाएगा। लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद भी उन्हें सरकार ने किराया नहीं दिया। अब उन्हें अपने परिवार के भरण-पोषण में काफी दिक्कतें हो रही हैं। जिसको देखते हुए वह पुनः किराए का घर छोड़कर उसी स्थान पर वापस आ गई है और इस बार अधिकारियों के निर्देश पर घर खाली नहीं करेंगी।
सुमन टम्टा, क्षेत्रीय निवासी।
प्रशासन ने अपना घर खाली कर किराए पर रहने वाले लोगों को घर का किराया देने के लिए कहा था। लेकिन आज तक किसी ने किराए का सत्यापित बिल प्रशासन तक नहीं पहुंचाया। इसके चलते किराए का भुगतान नहीं किया गया है। जो लोग नियमानुसार किराए के लिए आवेदन करेंगे उन्हें उनके आवासों का किराया दिया जाएगा।
राहुल शाह, एसडीएम, नैनीताल।