बरेली: आधुनिक और रोचक नवाचारों के जरिये शिक्षक गढ़ रहे बच्चों का भविष्य

प्रशांत पांडेय, बरेली, अमृत विचार। बेसिक स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में कई नए प्रयास किए जा रहे हैं। शैक्षिक नवाचार, रोचक और आकर्षक शैली के जरिए शैक्षिक गुणवत्ता में बेहतर सुधार देखने को मिल रहा है। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़ रहा है। आलमपुर जाफराबाद के पथरा उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापिका सारिका सक्सेना और हरुनगला प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक जाकिर हुसैन भी ऐसे शिक्षकों में से एक हैं, जिनकी कार्यशैली की सराहना विभागीय अधिकारी तो करते ही हैं, साथ ही बच्चे भी इनके शिक्षण शैली से प्रभावित हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी और विज्ञान प्रयोगशाला के जरिए बच्चों में बढ़ा उत्साह
सारिका सक्सेना को उत्कृष्ट विद्यालय और शिक्षक अवार्ड सहित कई अन्य पुरस्कार मिल चुके हैं। उनका मानना है कि बच्चों को समय के साथ आधुनिकता का ज्ञान जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों में वैज्ञानिक सोच को जाग्रत कराना होता है। इसके लिए स्कूल में उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से संचालित होने वाली डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया है। विज्ञान प्रयोगशाला में विधिवत प्रयोग भी कराती हैं । 2013 से उनकी तैनाती विद्यालय में है। नामांकन में इस सत्र में ढाई सौ बच्चों की संख्या बढ़ी है। कहती हैं कि बच्चों को नई जानकारियों से घर बैठे रूबरू कराने के लिए यूट्यूब चैनल के जरिए ईकंटेंट का निर्माण भी खुद करने में जुटी रहती हैं।
मॉडलों के जरिए आसानी से सीखा रहे मॉडल गुरु
प्रधानाध्यापक जाकिर हुसैन मॉडलों के जरिए बच्चों को पढ़ाने के लिए मॉडल गुरु के नाम से भी जाने जाते हैं। गणित, विज्ञान और हिंदी आदि विषयों को पढ़ाने के लिए किताबों से अधिक वह खुद से तैयार मॉडलों का प्रयोग करते हैं। उनके पढ़ाने के इस नवाचार को बच्चे ही नहीं विभागीय अधिकारी भी कई बार सराहना कर चुके हैं। स्कूल में 250 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। वह अपना फेसबुक और यूट्यूब पर चैनल संचालित करते हैं। जिसे देश और विदेश के 2 लाख से अधिक लोग पसंद करते हैं। वह 200 टीएलएम (टीचर्स लर्निंग मैटेरियल ) की पुस्तक तैयार करने में जुटे हैं। इसमें बच्चों को कैसे रोचक तरीके से पढ़ाया जाए, इसके बारे विस्तार से जानकारी दी गई है।
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