राहगीरों को हो रही दुस्वारियों को दूर कराने को संघर्ष कर रहे मोर्चा के कार्यकर्ता - सुनील कुमार

अमृत विचार, संत कबीर नगर । खलीलाबाद में त्रिपाठी मार्केट और तितौवा रेलवे क्रासिंग पर अण्डरपास या ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे अण्डरपास संघर्ष मोर्चा को ताकत प्रदान करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार ने आम जनता से मोर्चा को समर्थन देने और हर संघर्ष में साथ देने की मार्मिकअपील किया है।
उन्होंने कहा कि तितौवा, स्टेशन पुरवा, बिधियानी, मटिहना, शादिक गंज, दुघरा, उस्का, धमरजा, रौरापार और उमरी कला आदि वो ग्राम पंचायतें हैं जहां से प्रतिदिन सुबह हजारों लोग अपने रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खलीलाबाद शहर में आते हैं और हजारों बच्चे पढ़ाई करने के लिए खलीलाबाद शहर में आते हैं। मुझे कष्ट उनके आने जाने से नहीं है बल्कि कष्ट इस बात से है कि ये सुबह अपने घर से निकल कर आते हैं और घण्टों तक रेलवे फाटकों पर खड़े होकर फाटक खुलने का इंतजार करते हैं। जिस कारण कोई अपने काम पर तो कोई कोचिंग या स्कूल पर समय से नहीं पहुंच पाता। वापसी में भी रेलवे फाटकों पर घण्टों खड़े होकर देर से घर पहुंचते हैं।
अब इस प्रचण्ड धूप में अगर किसी को एक घंटे खड़ा कर दिया जाए तो उसका क्या हाल होगा। लेकिन प्रतिदिन हजारों लोग रेलवे क्रासिंग पर गर्मी, ठण्डी और बरसात को झेलते हैं। उन्होंने कहा कि रोज इस कष्ट को देख मेरे कुछ मित्रों ने अण्डरपास के लिए मुझे सामने आने के लिए कहा, मैं अण्डरपास संघर्ष मोर्चा में शामिल होकर सामाजिक कार्य में अपना योगदान दे रहा हूं। उन्होंने लोगों से मार्मिक अपील किया कि लोग अण्डरपास या ओवरब्रिज संघर्ष मोर्चा का सपोर्ट करें। जिससे मोर्चा और ढृढ़ता से अपने संघर्ष को और तेज कर इस समस्या का समाधान करा सके।
रेलवे लाइन ने खलिलाबाद शहर को दो भागों में बांट दिया है। रेलवे लाइन के उत्तर तरफ के क्षेत्र में विकास कार्य बहुत तेज हुआ है और शहर का दक्षिणी भाग विकास कार्य के नाम पर शून्य है। मित्रों अण्डरपास या ओवरब्रिज निर्माण होने से दक्षिण भाग में भी विकास कार्य संभव हो सकेगा।
मेरा एक प्रश्न है कि क्या दक्षिण भाग के लोग जनप्रतिनिधियों को अपना वोट नहीं देते हैं, यदि वोट देते हैं तो आज तक किसी भी जन प्रतिनिधि ने दक्षिण भाग के लोगों का सुध क्यों नहीं लिया है। इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। अण्डरपास संघर्ष मोर्चा अण्डरपास या ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेगा। इस संघर्ष में आम जनता का सहयोग और समर्थन सादर अपेक्षित है।
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