उत्तराखंड में लंपी वायरस की दस्तक से मुरादाबाद में भी सतर्कता, पशु चिकित्सा विभाग ने गठित की टीमें
सरकार ने जारी की गाइडलाइन, पिछले साल जनपद में लंपी वायरस से 48 पशुओं की गई थी जान

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कंसल
मुरादाबाद, अमृत विचार। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में गोवंश में लंपी वायरस की दस्तक से केंद्र और राज्य सरकार हरकत में आ गई है। सरकार की ओर से प्रदेश भर में लंपी वायरस से बचाव के लिए की गाइडलाइन जारी की गई है। पशु चिकित्सा विभाग ने सतर्कता बरतते हुए टीमें गठित कर दी हैं। जो गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही बीमारी से ग्रस्त पशुओं को चिह्नित करेंगी।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कंसल ने बताया कि जनपद में लंपी वायरस से बचाव को लेकर विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई। जनपद में 176934 गोवंशीय पशु हैं। जिसमें जनपद में 21 पशु चिकित्सालय है और बीस पर पशु चिकित्सक तैनात हैं। 20 पशु चिकित्सक की दो सदस्यीय टीम गांव-गांव जाकर पशु में लंपी वायरस के लक्षण चेक करेंगी। पशुओं को लंपी वायरस से बचाव के तौर तरीके के बारे में पशुपालकों को जानकारी देंगी। जिसमें लंपी वायरस वाले लक्षण वाले पशु को अन्य पशु को दूर रखने जरूरी है। ऐसे पशु को परिवहन न कराया जाए। लंपी ग्रस्त पशु को वेक्टर नियंत्रण में मक्खी मच्छर और खून पीने वाले डांस से दूर रखा जाए। लक्षण पाए जाने वाले पशु का उपचार किया जाए। स्वस्थ पशु को बचाव के लिए टीका लगवाया जाए।
पशु चिकित्सा विभाग क्षेत्रीय चिकित्सक का नंबर प्रत्येक पशुपालक को दिया जाएगा जिससे किसी पशु में लक्षण की शुरुआत हो तो उसकी तुरंत जानकारी पशु चिकित्सक को हो सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया पिछले वर्ष लंपी वायरस के फैलने के बाद 48 पशुओं की मौत हुई थी। सरकार ने इस बीमारी को संक्रामक रोग नहीं माना था। जिससे पशुपालकों को कोई मुआवजा नहीं मिला था। पशु चिकित्सा विभाग ने जनपद के 176934 में से 159000 पशुओं को गोट पॉक्स वैक्सीन लगाई गई थी। सीवीओ डॉ.कंसल ने बताया कि सरकार की ओर से मुरादाबाद में वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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