बीएड प्रवेश परीक्षा में नई नीति पर पूछे गए सवाल

लखनऊ, अमृत विचार। दो पालियों में रविवार को आयोजित हुई संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में पहली नई शिक्षा नीति से जुड़े सवाल भी पूछे गये। लखनऊ विश्वविद्यालय से परीक्षा देकर निकले छात्रों ने अमृत विचार से बातचीत में बताया कि नई शिक्षा नीति से जुड़े सवाल पूछे गये थे जिसमें भारत के एजुकेशन सिस्टम पर …
लखनऊ, अमृत विचार। दो पालियों में रविवार को आयोजित हुई संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में पहली नई शिक्षा नीति से जुड़े सवाल भी पूछे गये। लखनऊ विश्वविद्यालय से परीक्षा देकर निकले छात्रों ने अमृत विचार से बातचीत में बताया कि नई शिक्षा नीति से जुड़े सवाल पूछे गये थे जिसमें भारत के एजुकेशन सिस्टम पर क्या प्रभाव और बदलाव से जुड़े प्रश्न भी थे।
परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षार्थियों ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा के दौरान हिन्दी के आसान सवालों ने उनकी मुश्किलें कम की, लेकिन रीजनिंग के कठिन प्रश्नों उन्हें परेशानी में डाल दिया। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि जो सवाल सरल थे उनको पहले हल किया अन्य को बाद में किया लेकिन हल कर लिया।
हालांकि कुछ परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र उनके लिए सरल था लेकिन कुछ का कहना था कि 20 प्रतिशत वह सवालों में उलझ गये। छात्रों ने उम्मीद जतायी कि उनको मनचाहे कालेज में प्रवेश मिल जाएगा।
अंग्रेजी के सवाल भी थे कठिन
परीक्षार्थी अर्चना सिंह ने बताया कि अंग्रेजी मे सवाल कठिन थे, ऐसे में थोड़ा समय लग गया हल करने में। परीक्षार्थी नेहा जायसवाल, अल्का अग्रवाल, मोहित पुरी ने बताया कि जिसने सही से तैयारियां की होगी वह पूरा पेपर हल कर लेगा लेकिन पेपर कठिन था। वहीं पुष्पा यादव ने बताया कि पेपर अच्छा हुआ है हिन्दी और समाजशास्त्र में अच्छा किया। परेशानी इस बात की हुई कि जो पढ़कर आए थे, वो सवाल नहीं पूछे गये। कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा निकाल लें, और मनपसंद कालेज मिल जाए।
लखनऊ में सात हजार ने छोड़ी परीक्षा
वहीं लखनऊ से बीएड नोडल प्रभारी प्रो. ध्रुव सेन ने बताया कि दोनो पालियों यहां कुल परीक्षार्थियों की संख्या 30 हजार 394 थी। लेकिन पहली पहली में 23 हजार 142 परीक्षार्थी शामिल हुए। जबकि दूसरी पाली में 23 हजार 127 परीक्षार्थी शामिल हुए। इस तरह से 6 हजार 873 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।