बरेली: रोडवेज में मुफ्त यात्रा के साथ उड़ीं नियमों की धज्जियां
बरेली,अमृत विचार। रक्षाबंधन पर योगी सरकार ने हर साल की तरह इस बार भी महिलाओं को रोडवेज में फ्री यात्रा करने का तोहफा दिया। रोडवेज बसों से यात्रा करने वालों की निगरानी के लिए अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए थे। वे नियमानुसार ही लोगों को बस में प्रवेश दें। मगर रोडवेज और सेटेलाइट …
बरेली,अमृत विचार। रक्षाबंधन पर योगी सरकार ने हर साल की तरह इस बार भी महिलाओं को रोडवेज में फ्री यात्रा करने का तोहफा दिया। रोडवेज बसों से यात्रा करने वालों की निगरानी के लिए अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए थे। वे नियमानुसार ही लोगों को बस में प्रवेश दें। मगर रोडवेज और सेटेलाइट पर किसी तरह की कोई तैयारी नजर नहीं आई। फ्री यात्रा के साथ ही जमकर नियमों की धज्जियां भी उड़ाई गई। इससे अब कोरोना संक्रमण फैलने का डर और भी बढ़ गया है।
कोरोना काल में जहां एक तरफ शासन प्रशासन लगातार कोरोना से बचाव को लेकर समाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क लगाने, हाथों को सेनेटाइज करने की अपील की जा रही है, जहां तक मुमकिन है वहां तक जनता नियमों का पालन करती हुई दिखाई भी दे रही है। शनिवार सुबह से ही रोडवेज बस अड्डे और सैटेलाइट पर भारी भीड़ दिखाई दी, रोडवेज बस अड्डे कोरोना से बचाव को कोई उपाय नजर ही नहीं आया।
अधिकारियों और यात्रियों ने न कोई सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा गया और न ही रोडवेज की बसों में क्षमता के अनुसार सवारियां बैठाई गईं। कई बसों में तो सीट से अधिक सवारियां बैठी हुई दिखाई दीं, लोग एक सीट पर एक से अधिक संख्या में बैठे हुए दिखाई दिये साथ ही कई यात्री बिना मास्क के भी गाड़ी में सवार हो गए, थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजर कराने की प्रक्रिया भी नाम मात्र को ही दिखाई दी, ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि यदि इनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित हुआ तो ये संक्रमण कहां तक फैलेगा। जबकि इससे पहले रोडवेज के ड्राइवर समेत अन्य सटाफ भी कोरोना पाजिटिव निकल चुका है।
रीजन से दौड़ी करीब पांच सौ बसें
कोरोना काल में रोडवेज बसों में रक्षाबंधन पर मुफ्त यात्रा होने से सवारियों का आंकड़ा बढ़ गया। हालांकि उम्मीदों के विपरीत बस अड्डों पर त्योहार जैसा नजारा नहीं दिखा। आम दिनों की तुलना में भीड़ कुछ बढ़ी जरूर मगर कहीं भी मारामारी की स्थिति नहीं बनी। बढी भीड़ से अव्यवस्थाएं न हों इसलिए परिवहन निगम हर साल स्पेशल बसें संचालित करता है। रोडवेज के सुचारू संचालन के लिए इस साल भी रीजन के चार बस अड्डों करीब पांच सौ बसों की व्यवस्था की गई थी। जिसमें महिलाओं ने लाखों रुपये की फ्री यात्रा की।
बाइक चालकों ने भी खूब तोड़े नियम
रक्षाबंधन मनाने के लिए जाने वाले भाइयों और बहनों ने निजी वाहनों खासकर बाइकों का जमकर प्रयोग किया। कई बाइकों पर तो तीन से चार लोग बैठे नजर आए। यही नहीं रक्षाबंधन वाले बाइक सवारों ने यातायात नियमों का भी जमकर उल्लंघन किया।