संसद में उठी तमिलनाडु के माचिस उद्योग को बचाने की मांग

नई दिल्ली। संसद में आज तमिलनाडु के माचिस उद्योग को कच्चे माल की महंगाई के कारण उत्पन्न चुनौती का मुद्दा उठाया गया और सरकार से एक बार प्रयोग में आने वाले लाइटरों के अवैध आयात पर रोक लगाने की मांग की गयी।
लोकसभा में शून्यकाल में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोझी ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि तूतीकोड़ि जिले में माचिस उद्योग से दस लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिलता है जिनमें 90 प्रतिशत महिलाएं हैं। माचिस बनाने में 14 प्रकार का कच्चा माल लगता है।
हाल के दिनों में बोर्ड की कीमत 40 रुपए से बढ़ कर 90 रुपए हो गयी है। लाल फास्फोरस की कीमत भी 400 रुपए से बढ़ कर 1000 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी है। अन्य कच्चे माल के दामों में भी इजाफा हुआ है।
इससे इस उद्योग पर प्रभाव पड़ा है। श्रीमती कनिमोझी ने कहा कि इसी के साथ ही एक बार इस्तेमाल होने वाले लाइटरों के विदेशों से अवैध रूप से आयात या तस्करी किये जाने से भी माचिस उद्योग पर दोहरी मार पड़ रही है।
इससे सरकार को जीएसटी का भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी केन्द्र सरकार को इस बारे में पत्र लिखा है। केन्द्र सरकार को एक बार इस्तेमाल होने वाले लाइटरों की तस्करी पर लगाम लगाने और माचिस के कच्चे माल की कीमतों पर नियंत्रण रखा जाये।
भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती रमा देवी ने बिहार के पूर्वी चंपारण क्षेत्र में महात्मा गांधी रोज़गार गारंटी योजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। जबकि भाजपा की श्रीमती गोमती राय ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में औद्योगीकरण एवं वनों की अवैध कटाई के कारण भयंकर प्रदूषण का मुद्दा उठाया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने पीएम एसएसएस योजना में छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों को एक अन्य छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने पर उनके संस्थानों से निष्कासित करने की कार्रवाई की जानकारी दी और अनुरोध किया कि उनके भविष्य का ध्यान रखते हुए उन्हें निकाला नहीं जाये। उन्होंने कुलगाम में हैपेटाइटिस बी रोग के फैलने का भी मामला उठाया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने मांग की कि सेना में भर्ती के लिए लायी गयी अग्निपथ योजना से संविदा पर भर्ती की योजना को समाप्त किया जाये और पुराने तरीके से सेना में भर्ती की जाये और कोविड काल के दो साल की छूट दी जाये।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में युवा इस योजना को लेकर आक्रोशित हैं। शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बरणे ने मांग की कि कोविड काल के पहले मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मिलने वाली रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट को बहाल किया जाये।
देश में जब कोविड काल समाप्त होने की अधिसूचना जारी कर दी गयी है और रेलवे का यातायात पूर्ववत बहाल हो गया है तो पत्रकारों के लिए यह छूट अविलंब बहाल की जानी चाहिए।
कांग्रेस के डीन कुरियाकोस ने इलायची का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रुपए तय करने की मांग की। भाजपा के सतीश गौतम ने अलीगढ़ में हावड़ा राजधानी को स्टापेज दिये जाने की मांग की।
बहुजन समाज पार्टी के गिरीश चंद्र ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस पर छह दिसंबर को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किये जाने की मांग की।
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