काशीपुर: बजट के अभाव में अधर में लटका तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य

काशीपुर, अमृत विचार। बजट के अभाव में तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करा पुनर्जीवित किए जाने का कार्य अधर में लटक गया है। अभी तक ब्लॉक के दस अमृत सरोवर का कार्य 20 से 85 प्रतिशत हो सका है। अभी बजट आने की कोई उम्मीद नहीं नजर नहीं आ रही है।
दरअसल, काशीपुर में 147 तालाब राजस्व विभाग में पंजीकृत हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते अधिकांश तालाबों को पाटकर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। जिससे भू-जल स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। भीषण गर्मी के दौरान हैंडपंप भी पानी छोड़ने लगते हैं। जिसका संज्ञान लेकर प्रशासन ने काशीपुर क्षेत्र में तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया था। खंड विकास विभाग करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अमृत सरोवर योजना के तहत अतिक्रमण मुक्त दस तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित कर रहा है।
जानकारी के अनुसार करीब छह महीने से बघेलेवाला में दो, बरखेड़ा पांडे में दो, कनकपुर खाईखेड़ा में चार, पैगा व धीमरखेड़ा में एक-एक तालाबों के सौंदर्यीकरण करने का कार्य चल रहा था। तालाबों में मनरेगा के तहत कार्य किया जाएगा। मनरेगा से अभी मात्र करीब बीस प्रतिशत धनराशि ही मिल सकी है, जो श्रमिकों के खाते में भेजी जा चुकी है। इसके बाद मनरेगा में बजट जारी नहीं हो सका।
25-85 प्रतिशत हो चुका है कार्य
अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनर्जीवित किया जा रहा था, लेकिन बजट के अभाव में बरखेड़ा पांडे के एक तालाब में 85, दूसरे में 35, धीमरखेड़ा में 65, पैगा में 85, बघेलेवाला के एक तालाब में 85, कनकपुर खाईखेड़ा में छीना पैलेस के सामने 35, खसरा नंबर 32 में 50, खसरा नंबर 127 में 50, खसरा नंबर 320 में 25 प्रतिशत ही कार्य हो सका है।
यह होना था काम
अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों को पुनर्जीवित कर बरसात के जल को संरक्षित करना है। योजना के तहत तालाबों में डेढ़ मीटर से अधिक खुदान, किनारे पर पैराफिट, चारों ओर टाइल रोड बनाने, एक साइड पक्की, नाला होने पर उसे पक्का बनाना, फलदार व छायादार पौधे लगाने, बैंच लगाने, खेत से आने वाले पानी के लिए पाइप, लाइटें लगाने आदि कार्य किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने के लिए फ्लैग पोस्ट भी बनाना प्रस्तावित है।
तालाबों के पुनर्जीवित होने पर ये होंगे लाभ
तालाबों के पुर्नजीवित होने पर जल संरक्षित होने से वर्ष भर पानी एकत्र रहेगा। भू-जल स्तर सामान्य बना रहेगा। बरसात का पानी बर्बाद नहीं होगा। स्थानीय लोगों व मछली पालन के लिए महिला समूह को रोजगार मिल सकेगा।
विभिन्न विभागों द्वारा विकासखंड काशीपुर में तालाबों को पुनर्जीवित कर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। 10 अमृत सरोवर में से 7 का कार्य करीब पूर्ण हो चुका है। उद्यान विभाग से पौधे उपलब्ध हो चुके हैं। मत्स्य विभाग से मछली का बीज उपलब्ध हो चुका है, जो तालाबों में डाला गया है। शीघ्र ही मछली उत्पादन शुरू हो जाएगा। पंचायत विभाग से धनराशि आनी शेष है। इसके बाद शेष तीन तालाबों का कार्य भी पूर्ण करा लिया जाएगा। - सीआर आर्य, बीडीओ, काशीपुर