सपा विधायक इरफान बोले- सड़कों के पैचवर्क के नाम पर सिर्फ घोटाला, महापौर पद होगा अबकी कब्जा

कानपुर। अन्ना पशुओं की धमाचौकड़ी, पीने के पानी का संकट, प्रदूषण का बढ़ता स्तर आदि समस्याओं से शहरवासी जूझ रहे हैं। हालत यह है कि तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक नगर निगम 110 में से सिर्फ 80 वार्डों में ही कूड़ा उठा पाया है। जाम से निपटने के लिए प्रोजेक्ट तो बनाए जाते …
कानपुर। अन्ना पशुओं की धमाचौकड़ी, पीने के पानी का संकट, प्रदूषण का बढ़ता स्तर आदि समस्याओं से शहरवासी जूझ रहे हैं। हालत यह है कि तमाम कोशिशों के बाद भी अभी तक नगर निगम 110 में से सिर्फ 80 वार्डों में ही कूड़ा उठा पाया है। जाम से निपटने के लिए प्रोजेक्ट तो बनाए जाते हैं, लेकिन उन्हें मंजूरी ही नहीं मिल पा रही है। सड़कों के गड्ढे भरने का काम 15 नवंबर तक होना है, लेकिन ये काम पूरा हो पाएगा या नहीं कह पाना कठिन है। समस्याओं से जूझती जनता के लिए बतौर विपक्षी पार्टी के विधायक अब तक क्या किया इस मुद्दे पर इरफान सोलंकी से अमृत विचार संवाददाता ने बात की। पेश है बातचीत के अंश…
सड़कों के गड्ढा मुक्ति कार्य से आप संतुष्ट हैं ?
– नहीं। बहुत ही घटिया काम हो रहा है। पैचवर्क 15 से 20 दिन में उखड़ जाएगा। जनता फिर गड्ढों से होकर गुजरेगी। यूं कहें तो गड्ढा मुक्ति के नाम पर धन की बंदरबांट हो रही है। पैचवर्क के समय तमाम गड्ढों की अनेदखी की जा रही है।
जनसमस्याओं पर आप चुप क्यों हैं ?
सड़क, पानी , बिजली आदि समस्याओं के समाधान के लिए आए दिन हम आंदोलन करते हैं पर इस सरकार में जनता के दर्द को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। यूं कहें तो सूरज के खुदाओं की ये कोर-निगाही है, महलों में उजाला है कुटियों में सियाही है , महसूस ये होता है ये दौर-ए-तबाही है ,शीशे की अदालत है पत्थर की गवाही है। सरकार सिर्फ दावे और वादे कर रही है। काम करती तो मेट्रो का दूसरे कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो जाता। हमारी सरकार में जिस कॉरिडोर पर काम शुरू हुआ था वही हो रहा है।
लेदर क्लस्टर के लिए भूमि दिलाने का प्रयास आपने क्यों नहीं किया ?
-शहर को पूरब के मैनचेस्टर का दर्जा फिर मिले इसलिए मेगा लेदर क्लस्टर के लिए मुख्यमंत्री रहते अखिलेश यादव ने ने रमईपुर में भूमि दी थी। ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की भूमि आवंटित हो इसके लिए इस सरकार में हमने खूब प्रयास किए, लेकिन जानबूझकर भाजपा सरकार में भूमि नहीं दी जा रही है। यह सरकार न रोजगार देना चाहती है और न ही कानपुर का विकास चाहती है।
आपकी नजर में वह कौन सी समस्या है जो सबसे पहले हल होनी चाहिए ?
-देखिए शहर में समस्याएं ही समस्याएं हैं। जाम न लगे इसके लिए हमारी सरकार ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम कराया था। इस सरकार में पूरा सिस्टम ही कूड़ा हो गया। सड़कों पर कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। घर- घर कूड़ा उठाने के दावे किए गए पर हुआ कुछ नहीं। पीने के पानी की आपूर्ति भी समय से नहीं हो रही है। समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को तत्काल हजार करोड़ रुपये आवंटित करना चाहिए।
शहर में जाम खत्म करने के लिए क्या करना चाहिए?
-हमारी सरकार में गंगा लिंक एक्सप्रेस वे , वीआईपी रोड पर और जूही से कोपरगंज तक एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव बना था। ये परियोजनाएं जानबूझकर नहीं शुरू की गईं। रिंग रोड भी हमारी सरकार की परियोजना है। अब उसके भूमि अधिग्रहण की बात चल रही है। चुनाव के पहले चेतना चौराहा से लाटूश रोड तक और स्टॉक एक्सचेंज से बादशाहीनाका तक एलीवेटेड रोड का प्रस्ताव भाजपा के सांसद ने दिया था। चुनाव बीतने के बाद वे भी भूल गए। ये परियोजनाएं धरातल पर आएंगी तो जाम खत्म हो जाएगा।
सपा से महापौर का उम्मीदवार कौन होगा?
-देखिए उम्मीदवार तो पार्टी का राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व तय करेगा, लेकिन इतना बता दूं इस बार सपा का ही महापौर होगा। जनता ऊब चुकी है इस सरकार से। छात्र, नौजवान, किसान, मजदूर सब परेशान हैं। शहर में महापौर भाजपा की हैं, लेकिन वह बताएं न कि डबल इंजन की सरकार में उन्होंने कौन सा ऐसा काम किया जिस पर उन्हें और कानपुर की जनता को गर्व हो।
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