कानपुर विवि के कुलपति समेत दो लखनऊ में केस दर्ज, जानें मामला

कानपुर विवि के कुलपति  समेत दो लखनऊ में केस दर्ज, जानें मामला

लखनऊ। कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विनय पाठक और एक्सएलआइसीटी कंपनी के मालिक अजय मिश्रा के खिलाफ लखनऊ के इंदिरानगर थाने में बिल पास कराने के नाम पर 1.41 करोड़ रुपये की जबरन वसूली, गाली गलौज कर धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने बीएमडब्ल्यू कार और 10 लाख रुपये …

लखनऊ। कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विनय पाठक और एक्सएलआइसीटी कंपनी के मालिक अजय मिश्रा के खिलाफ लखनऊ के इंदिरानगर थाने में बिल पास कराने के नाम पर 1.41 करोड़ रुपये की जबरन वसूली, गाली गलौज कर धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने बीएमडब्ल्यू कार और 10 लाख रुपये के साथ अजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मामले की गंभीरता को देखकर विवेचना स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंप दी गई है। पुलिस को दी शिकायत में जानकीपुरम निवासी डिजिटेक्स टेक्नोलाजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक डेविड मारियो डेनिस ने बताया कि उनकी कंपनी सत्र 2014-15 से डा. भीमराव अंबेडकर आगरा विश्वविद्यालय का प्री एवं पोस्ट परीक्षा से संबंधित कार्य कर रही है। सत्र 2019-20 तक आगरा विश्वविद्यालय के परीक्षा से संबंधित अनुबंध के तहत कार्य कर रही थी।

कंपनी द्वारा किए गए कार्यों के बिल का भुगतान आगरा विश्वविद्यालय में लंबित था। उस दौरान प्रो. विनय पाठक वहां के कुलपति थे। डेनिस ने आरोप लगाया कि लखनऊ के गोखले मार्ग स्थित रंजनीगंधा अपार्टमेंट में कुलपति डा. विनय पाठक ने उनसे बकाया बिल के भुगतान की एवज में 15 प्रतिशत कमिशन की मांग की थी।

कमीशन न देने पर गाली गलौज करने का भी आरोप
एफआईआर के अनुसार जब वादी ने असमर्थता जताई तो डा. विनय पाठक ने उनके साथ गाली गलौज करते हुए धमकी देते हुए कहा कि उनका आगरा यूनिवर्सिटी से कंपनी का काम हटवा देंगे। जिससे वह परेशान होकर कमीशन देने के लिए राजी हो गए। इस पर पाठक ने अजय मिश्रा से फोन पर बात कराई और भुगतान होते ही कमीशन पहुंचाने को कहा। बिल पास होने पर वादी ने खुर्रम नगर स्थित आवास पर जाकर अजय मिश्रा को कमीशन के रूप में 30 लाख रुपये दिए।

तीन लाख रुपये कम होने पर बंधक बनाने का आरोप
शिकायत में आगे बताया गया कि 30 लाख रुपये देने के बाद अजय मिश्रा ने तीन लाख रुपए कम होने की बात कहते हुए उन्हें घर में ही बंधक बना लिया। वह किसी तरह से वहां से निकले और तीन लाख रुपए की व्यवस्था कर अजय को दोबारा दिए। साथ ही आरोप लगाया कि अजय मिश्रा ने इंटरनेशनल बिजनेस फर्म्स अलवर राजस्थान के खाते में करीब 73 लाख रुपये ट्रांसफर भी करवाएं। इसी तरह अलग-अलग बिलों को पास करने के नाम पर दोनों ने पीड़ित से रुपये लगातार वसूलते रहे। पीड़ित ने कुल एक करोड़ 41 लाख रुपये कमीशन देने का आरोप लगाया है।

शनिवार को दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ को जांच स्थानांतरित कर दी गई है। मामले में एसटीएफ के स्तर से कार्रवाई की जा रही है …विजयराज सिंह, एसीपी गाजीपुर लखनऊ।

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