रुद्रपुर: जाने क्या हुआ जब स्कूटी खरीदने सिक्कों से भरा थैला लेकर पहुंचा युवक

रुद्रपुर, अमृत विचार। व्यक्ति जब अपनी कमाई से कोई भी चीज खरीदता है तो काफी उत्साहित होता है। चाहे घर हो या वाहन या फिर कपड़े, अच्छी सुविधा के लिए वह दिनरात मेहनत करता है। लेकिन एक ऐसी मेहनत जानकर आपको हैरानी होगी कि एक व्यक्ति अपने स्कूटी खरीदने के सपने को पूरा करने के …
रुद्रपुर, अमृत विचार। व्यक्ति जब अपनी कमाई से कोई भी चीज खरीदता है तो काफी उत्साहित होता है। चाहे घर हो या वाहन या फिर कपड़े, अच्छी सुविधा के लिए वह दिनरात मेहनत करता है। लेकिन एक ऐसी मेहनत जानकर आपको हैरानी होगी कि एक व्यक्ति अपने स्कूटी खरीदने के सपने को पूरा करने के लिए सिक्को से भरा बैग लेकर शोरूम पहुंच गया। इसके बाद क्या वहां मौजूद सभी लोग हैरान हो गए।
रुद्रपुर में एक वाहन शोरूम में एक युवक स्कूटी खरीदने के लिए सिक्के लेकर पहुंचा। उसके पास एक थैला था, जिसमें 56 हजार के सिक्के थे। युवक की स्कूटी खरीदने की चाहत थी, जिसके लिए वह लंबे समय से पैसे जमा कर रहा था। जब 56 हजार रुपये के चिल्लर लेकर युवक वाहन शोरूम में स्कूटी लेने पहुंचा। थैले में भरे 10-10 के 5600 सिक्के देखकर शोरूम के कर्मचारी हैरान हो गए। करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय कर्मचारियों को सिक्के गिनने में लगा। शिव नगर निवासी आकाश गुम्बर ने बताया कि धनतेरस पर्व में उन्हें एक स्कूटी खरीदनी थी। काफी लंबे समय से पैसे जोड़ रहा था। कुल 56 हजार रुपये होने पर उन्होंने स्कूटी खरीदने का मन बनाया। शोरूम में जैसे ही आकाश ने थैला खोला तो कर्मचारी और आसपास के सभी लोगों की नजरें यही टिक गई। किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि स्कूटी खरीदने के लिए कोई सिक्के लेकर पहुंच सकता है।
इधर, संजय टीवीएस के विनोद गक्खड़ ने बताया कि युवक 56 हजार रुपये के सिक्के लेकर स्कूटी खरीदने पहुंचा था। कर्मचारियों ने रुपये गिनकर स्कूटी फाइनेंस कर दी है। वहीं यह मामला चर्चा का विषय भी बना हुआ है। सोशल मीडिया पर युवक खूब वायरल हो रहा। रुद्रपुर ऊधमसिंह नगर जिले में धनतेरस पर करीब 700 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। जिले में हुई धनवर्षा से कारोबारियों के चेहरों पर खुशी देखी गई। दोनों दिन हुई खूब खरीदारी से बाजार झूम उठा। ग्राहकों ने बर्तन, सोना-चांदी से लेकर, कार-बाइक, फर्नीचर, कपड़ों की खूब खरीदारी की, लेकिन स्कूटी खरीदने पहुंचे युवक की वजह से सारे दिन बाजार में यही चर्चा रही।