अयोध्या: नाले में तब्दील हुई तमसा नदी, आचमन योग्य नहीं रह गया जल
अमानीगंज/ अयोध्या, अमृत विचार । अवध क्षेत्र की पहचान रही पौराणिक तमसा नदी वर्तमान में नेताओं और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है। नदी में औद्योगिक इकाइयों के कचरा गिरने से नदी प्रदूषित हो गई है, जिसके कारण अब इसका जल आचमन योग्य भी नहीं रह गया है। फैजाबाद से अंबेडकरनगर …
अमानीगंज/ अयोध्या, अमृत विचार । अवध क्षेत्र की पहचान रही पौराणिक तमसा नदी वर्तमान में नेताओं और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है। नदी में औद्योगिक इकाइयों के कचरा गिरने से नदी प्रदूषित हो गई है, जिसके कारण अब इसका जल आचमन योग्य भी नहीं रह गया है। फैजाबाद से अंबेडकरनगर तक प्रभावित होने वाली तमसा नदी कहीं-कहीं सूखी पड़ी हैं तो कहीं पर नाले में तब्दील हो गई है।
नदी का उद्गम स्थल मवई के ग्राम बसौढी के लखनीपुर में माना जाता है, यहां पर एक सरोवर से इसका अभ्युदय हुआ है। तमसा नदी मवई, रुदौली, अमानीगंज, सोहावल, मिल्कीपुर, मसौधा, बीकापुर और तारुन आदि विकास खंडों से होते हुए फैजाबाद से अम्बेडकरनगर व गोसाईगंज के पास तक प्रवाहित होती है। तमसा नदी के पौराणिक स्वरूप को कई वापस लाने के कई बार प्रयास भी किए लेकिन आज तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका।