उत्तराखंड: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की बदसलूकी के खिलाफ भवाली, भीमताल और नैनीताल के पत्रकारों ने खोला मोर्चा

उत्तराखंड: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की बदसलूकी के खिलाफ भवाली, भीमताल और नैनीताल के पत्रकारों ने खोला मोर्चा

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा भवाली में खबर कवर कर रहे पत्रकारों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। जिसके बाद भवाली, भीमताल और नैनीताल के पत्रकारों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध दर्ज कराया है। बुधवार को भवाली के एक निजी रेस्टोरेंट में हुई बैठक के दौरान पत्रकारों ने मामले की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा भवाली में खबर कवर कर रहे पत्रकारों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। जिसके बाद भवाली, भीमताल और नैनीताल के पत्रकारों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध दर्ज कराया है। बुधवार को भवाली के एक निजी रेस्टोरेंट में हुई बैठक के दौरान पत्रकारों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल से करने का निर्णय लिया है।

पत्रकारों ने दो टूक कहा है कि अधिकारी यह तय नहीं कर सकते कि पत्रकार किस वक्त वीडियो बनाएं या फोटो खींचे। पत्रकारों का काम खबर कवर कर उसकी सही तस्वीर जनता तक पहुंचाना है। भवाली के तिरछाखेत में मंगलवार को अवैध निर्माण के छापे के दौरान पत्रकार अपना धर्म निभा रहे थे। इस दौरान बिल्डर और कुमाऊं कमिश्नर की तीखी नोकझोंक का वीडियो बनाना कुमाऊं कमिश्नर को नागवार गुजरा।

पत्रकारों ने कहा कि आज मीडिया के कैमरों को छीना जा रहा है, ये पत्रकारों की आजादी और खबरों पर सीधा हमला है। ऐसे में नैनीताल के पत्रकार एकजुट हैं। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष मामले को रखा जाएगा। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार विरेंद्र बिष्ट, हेमंत रावत, नरेश कुमार, विकास थापा, विनोद कुमार, मोहित कुमार, प्रवीण कपिल दीपक आर्या, हरीश पांडे, पंकज कुमार, विनोद कुमार आदि रहे।

वहीं मामले में कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि तिरछाखेत में कार्रवाई के दौरान वह तीन बार पत्रकारों को वीडियो बनाने से मना कर चुके थे, फिर भी लगातार कार्रवाई का वीडियो बनाया जा रहा था। इस दौरान सूचना विभाग की टीम भी मौजूद थी। उन्होंने खुद कार्रवाई के बाद पत्रकारों को बाइट दी थी। अभद्रता जैसी कोई बात नहीं है। मामले को तूल देने से बचना चाहिए।