रामपुर: देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर

रामपुर: देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर

रामपुर, अमृत विचार। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के तत्वावधान में रविवार को आयोजित सेमिनार में विद्वानों ने रसूले अकरम मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम पर एक महिला द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा की गई। विद्वानों ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि इस तरह के बयानों पर तवज्जो …

रामपुर, अमृत विचार। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के तत्वावधान में रविवार को आयोजित सेमिनार में विद्वानों ने रसूले अकरम मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम पर एक महिला द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा की गई। विद्वानों ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि इस तरह के बयानों पर तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे लोग रातों-रात हीरो बनने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं।

अल्लामा सैयद अब्दुल्लाह तारिक ने कहा कि देश में एक महिला द्वारा की गई टिप्पणी से बवाल मचा हुआ हैं वह निंदनीय है। इसकी हर मजहब के मानने वाला कड़ी निंदा करता हैं। संतोष कपूर ने कहा कि हमारा मुल्क हमेशा गंगा जमुनी तहजीब का देश पूरी दुनिया में कहलाया जाता हैं। कुछ लोगों की हरकतों के कारण इस गंगा जमुनी तहजीब को बिखरने न दें। एसएस लाल ने कहा कि पैगंबरे इस्लाम की तौहीन और उदयपुर जैसी घटना भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

अवतार सिंह ने कहा कि देश में अमन कायम रखने के लिए सभी मज़हबों का सम्मान करना जरूरी हैं। शिया धर्मगुरू जमा बाकरी ने कहा कि इस्लाम में किसी का बेवजह कत्ल करना गलत करार दिया हैं इसलिए उदयपुर जैसी घटना की कड़े लफ्जों में मजम्मत करते हैं। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डा. महमूद अली खां ने कहा कि अल्लाह के रसूल ने कभी भी बदले की भावना से काम नहीं लिया। हमारा मज़हब यह सिखाता हैं कि दूसरे मजहब के पेशवाओं की इज्जत करें और उनके बारे में कुछ गलत न कहें।

अल्लाह के रसूल ने हमेशा माफी को तरजीह दी। उन्होने कहा कि जो लोग नबी की शान में गुस्ताखी कर बैठते हैं हमें नबी के बारे में उन लोगों को सही जानकारी देना चाहिए क्योंकि हमारा कर्तव्य बनता हैं कि हम अपने मजहब के बारे में दूसरे मजहब के लोगों को बारीकी के साथ समझायें ताकि, वह समझ सकें और ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें। उन्होने कहा कि यदि हर मामले को लेकर विरोध और कत्लेआम किया जायेगा तो इससे सिर्फ नफरत ही बढ़ेगी और देश की शांति व्यवस्था पर असर पड़ेगा।

हमें ऐसे लोगों का विरोध नहीं करना चाहिए क्योंकि हमारे विरोध के कारण ऐसे लोग रातों रात हीरो बन जाते हैं जिससे कुछ हासिल नहीं होता। इसलिए हमें इस रवैये को बदलना होगा और सब्र, हिकमत व तदबीर के साथ अपने पैगंबर की सीरत का ताअरूफ करायें। लोगों को बतायें कि नबी अखलाकी एतबार से कितने बुलंद व आला शख्सियत के मालिक थे। अंत में लाईब्रेरी सचिव मुस्लिम गाजी ने सभी का आभार जताया।

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