सिविल अस्पताल: दिल के मरीजों को करना होगा इंतजार, कैथ लैब शुरू होने में लगेगा और समय, जानें वजह

लखनऊ। राजधानी का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यानी की सिविल अस्पताल में बीते तीन साल से कैथ लैब बंद पड़ी है। यह हाल उस अस्पताल का है, जो राजधानी के वीआईपी अस्पतालों में गिना जाता है। आये दिन यहां वीआईपी का दौरा भी होता है, लेकिन उसके बाद भी कैथ लैब के लिए शासन को …
लखनऊ। राजधानी का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यानी की सिविल अस्पताल में बीते तीन साल से कैथ लैब बंद पड़ी है। यह हाल उस अस्पताल का है, जो राजधानी के वीआईपी अस्पतालों में गिना जाता है। आये दिन यहां वीआईपी का दौरा भी होता है, लेकिन उसके बाद भी कैथ लैब के लिए शासन को भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार है।
बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल में करीब तीन साल पहले कैथ लैब बंद हो गयी थी, मौजूदा समय में दिल के मरीजों के लिए आईसीयू चलाया जा रहा है, लेकिन इलाज के लिए आये दिल के मरीजों की एंजियोप्लास्टी नहीं हो पा रही है। एंजियोप्लास्टी व एंजियोग्राफी के लिए मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजा जाता है।
हालांकि राहत की बात यह है कि दिल के मरीजों की अन्य जरूरी जांचे हो जा रही है। जानकार बताते हैं कि यदि कैथ लैब दोबारा से शुरू हो जाये तो एक ही छत के नीचे एंजियोप्लास्टी भी हो सकेगी। दरअसल,सिविल अस्पताल प्रशासन ने कैथ लैब को दोबारा शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसके बाद शासन की तरफ से मंजूरी मिलने का इंतजार अस्पताल प्रशासन को हैं।
सिविल अस्पताल में कैथ लैब के शुरू होने से दिल के मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. आनन्द ओझा ने बताया है कि कैथ लैब शुरू करने के लिए नई मशीनों व विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत है,जिसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
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