एमएलसी मतगणना को लेकर झांसी प्रशासन ने कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण

झांसी। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव के बाद मतगणना के संबंध में सोमवार को झांसी प्रशासन की ओर से संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया। यहां विकास भवन में जिलाधिकारी सह रिटर्निंग ऑफिस (आरओ) रविंद्र कुमार की उपस्थिति में विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन के गणना …
झांसी। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव के बाद मतगणना के संबंध में सोमवार को झांसी प्रशासन की ओर से संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया। यहां विकास भवन में जिलाधिकारी सह रिटर्निंग ऑफिस (आरओ) रविंद्र कुमार की उपस्थिति में विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन के गणना माइक्रो ऑब्जर्वर, गणना सुपरवाइजर एवं गणना सहायक को मतगणना के संबंध में प्रशिक्षिण दिया गया।
आरओ ने प्रशिक्षण के दौरान समस्त गणना कार्मिकों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सभी मतगणना के दिन 12 अप्रैल (मंगलवार) को सुबह छह बजे मतगणना स्थल बुंदेलखंड महाविद्यालय, झांसी में उपस्थित हों। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अवगत कराया कि सबसे पहले उनकी टेबल पर मतपेटिकाएँ आएगी। वे पेटिकाओं की सील गणना एजेंट को दिखाकर सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर अवश्य ले लें। इसके बाद ही मत पेटिकाओं से मतपत्र निकलाकर उनकी संख्या की गणना करें।
उन्होंने मतगणना की निष्पक्षता के लिए गणना एजेंट को मतपेटिका में कोई भी मतपत्र अवशेष नहीं है, यह दिखाने के लिए मतपेटी को अवश्य दिखाया जाए। मतपत्र की संख्या का फॉर्म 16 से मिलान कर उसके बंडल बनाकर उसे चुनाव अधिकारी को भेजा जाए। फॉर्म-16 से संख्या का मिलान करने के उपरांत गणना एजेंट से हस्ताक्षर भी ले लिए जाए। चुनाव अधिकारी से मतपत्र की मिक्सिंग के बाद प्राप्त मतपत्र के बंडल में प्राप्त अमान्य मतपत्र को गणना एजेंट को दिखाने के उपरांत चुनाव अधिकारी की टेबल पर भेजा जाए, प्राप्त मान्य मतपत्रों को उसमें दी गई प्रथम वरीयता के अनुसार वर्गीकृत कर प्रत्याशी वार ट्रे में रखा जाए एवं मतपत्र में दी गई वरीयता को गणना एजेंट की संतुष्टि के लिए उन्हें अवश्य दिखाया जाए।
यदि किसी अमान्य मतपत्र को चुनाव अधिकारी द्वारा परीक्षण के बाद मान्य कर दिया जाता है, तो उसे भी गणना एजेंट को देखकर संबंधित ट्रे में रखा जाए। समस्त ट्रे में रखे गए मतपत्रों की पुन: जांच भी की जाए। यदि किसी गणना एजेंट द्वारा कहा जाता है कि उसे किसी ट्रे में रखे मतपत्र की गणना पुन: करानी है, तो उसकी संतुष्टि के लिए पुन: गणना कर दी जाए। उन्होंने कहा कि इसप्रकार गणना के दौरान पूर्ण पारदर्शिता एवं गोपनीयता बरती जाए। साथ ही गणना एजेंट की संतुष्टि का भी ध्यान रखा जाए। आरओ ने यह भी बताया कि गणना कार्मिक समस्त प्रारूप को भी भली प्रकार से देख लें एवं उन्हें गणना के दौरान सही समय पर भरना सुनिश्चित करें।
गणना एजेंट के भी प्रारूप पर उसी समय हस्ताक्षर ले लिये जाए। गणना एजेंट से उनके पूरे नाम एवं पार्टी का नाम सहित हस्ताक्षर कराए जाए। उ यदि गणना के संबंध में किसी को कोई शंका हो, तो उसे बिना संकोच के पूछ लिया जाए। श्री रविंद्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतगणना परिसर पूर्णतः नो स्मोकिंग जोन घोषित किया गया है। अतः किसी भी प्रकार की ज्वलंत या अन्य वस्तु परिसर में नहीं आने दी जाए, इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।
यह भी पढ़ें: हल्द्वानी: अस्पताल छोड़ प्रदर्शन करने को मजबूर कोरोना वारियर्स, अब सरकार की कृपा का इंतजार