गोरखपुर: सेना के जवान धनंजय की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, ड्यूटी के दौरान हुई थी मौत

गोरखपुर। चौरी चौरा क्षेत्र के नईबाजार इटऊवा घाट पर शनिवार की सुबह भारी तनाव के बीच सेना के जवान धनंजय के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। धनंजय की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। इकलौते पुत्र होने की वजह से धनंजय के चचेरे भाई सोनू यादव ने …
गोरखपुर। चौरी चौरा क्षेत्र के नईबाजार इटऊवा घाट पर शनिवार की सुबह भारी तनाव के बीच सेना के जवान धनंजय के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। धनंजय की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। इकलौते पुत्र होने की वजह से धनंजय के चचेरे भाई सोनू यादव ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। जब तक सूरज चांद रहेगा, धनंजय तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के उद्घोष के बीच इटौवा घाट पर हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने जवान धनंजय को नम आंखों से अंतिम विदाई दी है।
बता दें कि झंगहा थानाक्षेत्र के राघोपट्टी पड़री टोला फैलहा के रहने वाले रामनाथ यादव व फूलमती देवी के 30 वर्षीय पुत्र सेना के जवान धनंजय सेना में शिक्षक हवलदार के पद पर कार्यरत रहे हैं। धनंजय माता-पिता के इकलौते कमाऊ पुत्र रहे हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी एक छोटी बहन आरती ही माता-पिता का अंतिम सहारा है। धनंजय आर्मी एजुकेशन कोर हेड क्वार्टर 112 माउंटेन बिग्रेड यूनिट 4/5 जीआर सिक्किम एचआरडीसी छातन में तैनात थे।
बीते मंगलवार को ड्यूटी के दौरान ही संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी। परिजनों को सेना की ओर से उनके सुसाइड करने की बात बताई गई। परिजन वहां जाकर शव को शुक्रवार की शाम जीआरडी मुख्यालय गोरखपुर लाए। आरोप है कि धनंजय को वो सम्मान नहीं मिला जो सेना के जवान को मिलना चाहिए।जिससे नाराज क्षेत्रीय लोगों ने शुक्रवार की शाम उनका शव गोरखपुर पहुंचने के बाद चौरीचौरा में ट्रेन रोकने के साथ भोपा बाजार में चक्काजाम, जमकर बवाल, आगजनी और पत्थरबाजी कर दी।
पुलिस के एक दर्जन वाहनों को भी उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। डीएम-एसपी समेत आलाधिकारियों के साथ पुलिस के जवानों ने भी भागकर जान बचाई। इसके बाद आई कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया गया।
मृतक के परिजनों की मांग है कि मृतक को शहीद का दर्जा देते हुए सैनिक सम्मान मिले। उसकी छोटी बहन आरती को सरकारी नौकरी दी जाए । नई बाजार-फैलहा सड़क का नाम धनंजय के नाम पर हो । 50 लाख रुपए की सहायता राज्य सरकार दे। धनंजय के रेजीमेंट के सीओ के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्यवाही की जाए। घटना की न्यायिक या सीबीआई से जांच कराई जाए।
मां फूलमती और पिता रामनाथ यादव को भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता दी जाए जाय। धनंजय के पिता रामनाथ यादव ने घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान दुःखी मन से कहा कि कल की घटना को आप लोगों ने देखा। वे मांग करते हुए थक गए हैं कि लड़का चला गया। एक लड़की आरती है,उसकी शादी में मदद हो। इसके अलावा उसे सरकारी नौकरी दी जाए। राज्य सरकार की ओर से सम्मान निधि दी जाए। शासन उनके साथ है, तो शहीद का दर्जा बेटे को दिया जाए। शासन और प्रशासन पर उम्मीद है कि वे उनके पक्ष में कोई निर्णय लेंगे।
इस सम्बंध में गोरखपुर के एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि जो परिजनों की मांग है नियमानुसार जो भी सैनिक के साथ दुर्घटना या घटना होती है, उसके अलग-अलग प्रोविजन भी होती है। सेना के अधिकारी भी आए हैं। जो भी नियमानुसार मदद होगी, वो की जाएगी। कल जो घटना हुई है, उपद्रवियों की ड्रोन से पहचान कर उनके उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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