बरेली: यूक्रेन में फंसे शादाब वतन लौटने की कोशिश में जुटे

सीबीगंज,अमूत विचार। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के दिन दहशत में कट रहे हैं। वे जल्द से जल्द वतन वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मंगलवार को एक भारतीय छात्र की मौत की खबर के बाद परिजन और भी दहशत में आ गए हैं। सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं। सीबीगंज के सनईया रानी …
सीबीगंज,अमूत विचार। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के दिन दहशत में कट रहे हैं। वे जल्द से जल्द वतन वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मंगलवार को एक भारतीय छात्र की मौत की खबर के बाद परिजन और भी दहशत में आ गए हैं। सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं। सीबीगंज के सनईया रानी मेंवा कुंवर गांव के मोहम्मद शादाब यूक्रेन के कीव शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
परिजनों ने बताया कि कुछ दिन बाद ही उनके अंतिम वर्ष के पेपर होने वाले थे। सभी छात्र पढ़ाई में लगे थे। इसी दौरान यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध छिड़ गया। किसी तरह हॉस्टल में रहकर छात्रों ने जान बचाई। सोमवार को कर्फ्यू में कुछ ढील दी गई तो छात्र निकलकर हंगरी बॉर्डर तक पहुंचे। वे वहां से किसी तरह भारतीय एंबेसी से संपर्क साधने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे स्वदेश लौट सकें।
वहीं, बाकरनगर गौटिया के शाहिल खां यूक्रेन के इवानों शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। पिता शरीफ खां के अनुसार शाहिल ने बताया कि युद्ध के दौरान वहां पर खाने-पीने की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। इवानों यूनिवर्सिटी से कुछ दूरी पर एक ब्लास्ट हुआ था। रात में सभी छात्र हॉस्टल में लाइट बंद कर रह रहे हैं। शाहिल मंगलवार को रोमानिया बॉर्डर की ओर रवाना हो गए हैं। परिजन सरकार से बेटे को जल्द भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं।
दिल्ली लौटे शाहिद व परिजन के खिले चेहरे
गोविंदापुर निवासी मोहम्मद शाहिद यूक्रेन के यूगानो शहर से एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। वह मंगलवार दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। उनके लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। परिवार वाले उन्हें लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।