बरेली: कुतुबखाना के व्यापारी अपना अलग संगठन बनाएंगे निर्णय

बरेली: कुतुबखाना के व्यापारी अपना अलग संगठन बनाएंगे निर्णय

बरेली,अमृत विचार। कुतुबखाना-कोहाड़ापीर के व्यापारी जिले में मौजूद व्यापार संगठनों के रवैये से नाराज हैं। अब उन्होंने अपना अलग संगठन बनाने का निर्णय किया है। इस संगठन में बड़ा बाजार, कटरा मानराय और आसपास के व्यापारी जुड़ेंगे और इनकी अलग इकाई गठित होगी। इन व्यापारियों का शहर में चल रहे व्यापार मंडलों से कोई लेना-देना …

बरेली,अमृत विचार। कुतुबखाना-कोहाड़ापीर के व्यापारी जिले में मौजूद व्यापार संगठनों के रवैये से नाराज हैं। अब उन्होंने अपना अलग संगठन बनाने का निर्णय किया है। इस संगठन में बड़ा बाजार, कटरा मानराय और आसपास के व्यापारी जुड़ेंगे और इनकी अलग इकाई गठित होगी। इन व्यापारियों का शहर में चल रहे व्यापार मंडलों से कोई लेना-देना नहीं होगा।

बाजार बंद के आंदोलन में कुतुबखाना और कोहाड़ापीर के ही दुकानदार दुकानें बंद कर व्यापार मंडलों के आंदोलन को सफल बनाते हैं और वही संगठन उनके खत्म हो रहे व्यापार को बचाने में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। व्यापारियों का साथ नहीं दे रहे हैं। इसी वजह से यहां के व्यापारी अकेले पड़ गए हैं। इसलिए उन्होंने नोटा का बटन दबाने का फैसला लिया है। यहां के व्यापारी कुतुबखाना से कोहाड़ापीर तक बनने वाले पुल का विरोध कर रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि कोहाड़ापीर- कुतुबखाना पुल बनने से उनका व्यापार तो चौपट होगा ही साथ ही दुकानों में काम कर रहे कर्मचारी भी बेरोजगार हो जाएंगे। जनप्रतिनिधि अपनी जिद से व्यापारियों की समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। क्षेत्र के व्यापारियों की रोजी रोटी पर संकट आने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि हम मतदान का बहिष्कार नहीं करेंगे, लेकिन नोटा का बटन दबाएंगे।

आलोक कुमार, पवन सिंह, गुलरेज खां, मो. अशरफ सहित तमाम व्यापारियों का मानना है कि नोटा का बटन जनप्रतिनिधियों के लिए सबक होगा। इस बार 10 से 15 हजार नोटा का बटन दबाया जाएगा। इसमें व्यापारी, उनका परिवार, कर्मचारी और उनके मिलने वाले भी शामिल हैं।

व्यापारी बताते हैं हर व्यापारी आंदोलन में कोहाड़ापीर से कोतवाली तक हर व्यापारी ने व्यापार मंडलों का साथ दिया है, हर जनप्रतिनिधि का यहां के व्यापारियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया है मगर इस समय वे अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। अब व्यापारियों को इनकी जरूरत पड़ रही है तो कोई साथ नहीं खड़ा है।

कहा कि बरेली के व्यापार मंडल सपोर्ट नहीं कर रहे हैं, इसलिए कुतुबखाना-कोहाड़ापीर के व्यापारी अपना व्यापार मंडल खड़ा करेगा ,जिसका किसी भी व्यापार मंडल से कोई लेना-देना नहीं होगा। इसमें बड़ा बाजार व्यापार मंडल, बड़ा बाजार व्यापार मंडल, कटरामान राय व्यापार मंडल, गली मनिहारन व्यापार मंडल आदि इकाइयां गठित करेंगे, बड़ा व्यापार मंडल बनाएंगे, जो व्यापारी अलग-अलग व्यापार मंडल से जुड़े हैं, वे व्यापार मंडल का बहिष्कार कर केवल कुतुबखाना कोहाड़ापीर व्यापार मंडल से ही जुड़ेंगे।

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