अधिवेशन में लेखपालों ने बयां की संवर्ग की पीड़ा, उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 41वां अधिवेशन बुधवार को राजधानी के गांधी प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव एवं प्रदेश महामंत्री ब्रजेश श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं मंत्रियों के सामने …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 41वां अधिवेशन बुधवार को राजधानी के गांधी प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव एवं प्रदेश महामंत्री ब्रजेश श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं मंत्रियों के सामने संवर्ग की पीड़ा बयान की। उन्होंने वेतन विसंगति, पेंशन, एसीपी, पदोन्नति के अवसरों की कमी, कैडर रिव्यू, रात्रि निवास की बाध्यता समाप्त करना, मंडल स्थानांतरण आदि मांगों का मांगपत्र सौंपा।
साथ ही लेखपालों पर काम की अधिकता और उन पर की जा रही कार्रवाई रोकने के बारे में विचार रखे। अन्य विभागों के कार्य भी लेखपालों से कराने पर लेखपालों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। महामंत्री ने कहा कि लेखपालों को खतौनी एवं खसरा की कम्प्यूटरीकृत प्रमाणित नकल जारी करने का अधिकार दिया जाए, जिससे काश्तकारों व आम जनता को तहसील मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाया जा सके।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की किसी भी योजना को जनता तक पहुंचाने वाला और उनका दुख दर्द बांटने वाला कोई कर्मचारी है तो वह लेखपाल है। लेखपालों की मांगों पर जल्द सुखद परिणाम आएंगे। राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार ने कहा कि लेखपाल घर से सैकड़ों किमी दूर नौकरी करते हैं जिससे वह अपने परिवारिक समारोह और त्योहारों में भी शामिल नहीं हो पाते हैं। मण्डल स्थानांतरण के माध्यम से लेखपालों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। लगभग 2000 से अधिक लेखपाल राजस्व निरीक्षक के पद पर शीघ्र पदोन्नत होंगे।
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