पीलीभीत : टहलने निकले सगे भाइयों पर पलटा पत्थर लदा ट्रक, मौत

बीसलपुर, अमृत विचार। घर से टहलने निकले दो सगे भाईयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। टायर फटने के बाद पत्थर लदा ट्रक उनके ऊपर ही पलट गया था। गुस्साए ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम लगाकर नारेबाजी की।ढाई घंटे बाद सीओ के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई। पुलिस ने …
बीसलपुर, अमृत विचार। घर से टहलने निकले दो सगे भाईयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। टायर फटने के बाद पत्थर लदा ट्रक उनके ऊपर ही पलट गया था। गुस्साए ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम लगाकर नारेबाजी की।ढाई घंटे बाद सीओ के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव जोगीठेर निवासी मुन्नी बेगम पत्नी अबरार के पांच बेटे और दो बेटियां हैं। 12 वर्षीय पुत्र कासिम और 10 वर्षीय राशिद मंगलवार सुबह करीब छह बजे घर से टहलने निकले थे। गांव के बाहर से बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग गुजरा है। वहां पर दोनों टहल रहे थे कि पीलीभीत की ओर से पत्थर लदे ट्रक का टायर फट गया। इसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इसके नीचे दोनों भाई दब गए। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीण जमा हो गए।
दो मासूमों के ट्रक के नीचे दबे होने का शोर मचा तो भीड़ जमा हो गई। काफी प्रयास करने के बाद भी दोनों को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।कोतवाल नरेश कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उसके बाद क्रेन की मदद से ट्रक को सीधा कराया गया। तब जाकर दोनों मासूमों के शव निकाले जा सके। शवों को पुलिस ने मौके से हटाकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। उधर, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ उग्र हो गई।
गांव के बाहर हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर भीड़ अडिग हो गई। सीओ प्रशांत कुमार भी पहुंच गए। मगर, जाम खोलने को कोई राजी नहीं हो रहा था। करीब ढाई घंटे बाद सीओ के कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग माने और जाम खुल सका। सीओ ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एक घंटे तक ट्रक के नीचे दबे रहे दोनों मासूम
हादसे के बाद ही दोनों के बचने की उम्मीद ग्रामीणों को न के बराबर थी। दरअसल, उनके ऊपर जब ट्रक पलटा तो वह पत्थरों के नीचे बुरी तरह से फंस चुके थे। पहले ग्रामीण उन्हें निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन असफल हुए। उसके बाद पुलिस ने क्रेन और जेसीबी मंगाई। मगर, इन सब का इंतजाम करने में काफी समय लग गया।एक घंटे तक दोनों मासूम दबे रहे थे। जब उन्हें निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी।
वाहनों के थम गए पहिए..लिंक मार्ग पर बढ़ा ट्रैफिक
दो बच्चों की हादसे में मौत के बाद ग्रामीणों ने उग्र होकर जाम लगा दिया था।करीब ढाई घंटे बाद भीड़ शांत हो सकी थी। इस दौरान हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग चुकी थी। वाहनों के पहिए थम गए थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने तो गंतव्य तक पहुंचने के लिए लिंक मार्गों का सहारा लिया। मगर, उस पर बड़े वाहन नहीं गुजर सके। इसके चलते ढाई घंटे तक राहगीर फंसे रहे। लिंक मार्गों पर ट्रैफिक आम दिनों की अपेक्षा बढ़ा रहा।
पिता की छह साल पहले हो चुकी मौत, मां कश्मीर में कर रही मजदूरी
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जोगीठेर निवासी अबरार की मौत छह साल पहले हो गई थी। उसके बाद पत्नी मुन्नी बेगम पर सात बच्चों की जिम्मेदारी आ गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है।मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण जैसे-तैसे किया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों किशोरों की मां मुन्नी बेगम तीन माह से कश्मीर के एक भट्टे पर मजदूरी कर रही है। घर पर बच्चों की देखरेख बड़ी बहन कर रही थी। मां सप्ताह में एक-दो बार फोन पर बच्चों से बात कर लेती थी। मंगलवार सुबह रोज की तरह सुबह दोनों टहलने के लिए निकल गए। मकान से डेढ़ सौ मीटर दूरी पर पहुंचते ही हादसे का शिकार हो गए और दोनों की जान चली गई। इसके बाद से परिवार में कोहराम मचा है। दो बेटों की मौत की खबर कश्मीर में रह रही मां को मिली तो बेसुध हो गई। ग्रामीण गमगीन परिवार को ढांढस बंधाने मे जुटे रहे।